विधायक उमाशंकर सिंह के यहां से अब तक नौ करोड़ जब्त, छिपी अलमारियों में मिला कैश; छह खाते फ्रीज
आयकर विभाग को विधायक उमाशंकर सिंह के यहां दस्तावेजों से नगद आय, खर्च, रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक कामकाज के बीच बड़े अंतर और वित्तीय हेराफेरी के सबूत मिले हैं। विभाग ने विधायक से जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर तलाशी, जब्ती की। करीब 30 घंटे की छापेमारी में कई जगह दस्तावेज खंगाले गए।

UP News: आयकर विभाग ने बहुजन समाज पार्टी विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर अब तक तलाशी के दौरान नौ करोड़ से अधिक रकम और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में कच्चे कागजात, डायरी, हस्तलिखित दस्तावेज में बड़े पैमाने पर बिना हिसाब लेन-देन के संकेत मिले हैं। आयकर टीमों ने छिपी अलमारियों को ढूंढकर कैश बरामद किया है। इससे उत्तर प्रदेश से कई बड़े नामों के भी जांच के दायरे में आने की आशंका है।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी को दस्तावेजों से नगद आय,खर्च, रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक कामकाज के बीच बड़े अंतर और वित्तीय हेराफेरी के साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग ने विधायक से जुड़ी सीएस इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड ,जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर तलाशी, जब्ती की। करीब 30 घंटे की छापेमारी में राबर्ट्सगंज, ओबरा, चोपन में कई जगह दस्तावेज खंगाले गए। अफसरों ने स्टेट बैंक की शाखा में 20 लाख जमा कराए। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक वाराणसी में अब तक छह खाते फ्रीज किए गए हैं।
विधायक के ठिकानों पर अलमारियों में मिला कैश
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। सर्च का दायरा अब पश्चिम यूपी से एनसीआर तक बढ़ गया है। लखनऊ समेत सात जिलों में स्थित आवास और कार्यालयों पर छापेमारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार विधायक के कुछ बड़े अधिकारी मददगार रहे हैं। कुछ अधिकारियों ने फर्म में निवेश भी किया है। सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।
विधायक के ठिकानों से छिपी आलमारियों में रखा कैश आयकर की टीमों ने बरामद किया है। इसके पूर्व देर रात तक बैंकों से कर्मचारी बुलाकर मशीनों से कैश गिनती का कार्य चलता रहा। आयकर के अधिकारियों ने बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर कुछ नई जगह सर्च ऑपरेशन चलाया। टीमों ने लखनऊ के गोमती नगर विकल्पखंड स्थित उनके आवास पर छापेमारी की है। रिजर्व पुलिस लाइन से आयकर के दिल्ली मुख्यालय, मुरादाबाद और लखनऊ से पहुंची टीमों ने पुलिस फोर्स के साथ सर्च शुरू किया। लखनऊ के अलावा बलिया, प्रयागराज, कौशाम्बी, सोनभद्र और वाराणसी में भी उनसे संबंधित छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विधायक की एक पुरानी फर्म छात्र शक्ति इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन,ओम साईंराम से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की शिकायतों पर हुई।
आयकर विभाग ने बताया कि विधायक की स्वास्थ्य की स्थिति देखते हुए घर पर तलाशी विशेष सावधानी के साथ की गई। खनवर गांव में विधायक के छोटे भाई व छात्रशक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के डायरेक्टर रमेश सिंह से पूछताछ की। अयोध्या में पूरा बाजार स्थित प्लांट पर 24 घंटे से आयकर अधिकारी जमे हैं।
दस्तावेजों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा
आयकर विभाग जब्त दस्तावेजों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विभाग कंपनी द्वारा खनन क्षेत्र में वास्तविक खुदाई और लीज सीमा (लीज एरिया) की भी गहन जांच कर रहा है, जिससे पता लग सके कि तय सीमा से ज्यादा खनन तो नहीं किया गया। कंपनी को बीते पांच से सात वर्षों के दौरान मिलने सभी कार्यों की जांच की जा रही है। कुल कितने करोड़ के टेंडर कंपनी को प्राप्त हुए। खासकर खनन के लिए टेंडर के हिसाब से कितने क्षेत्र की अनुमति थी और कितने क्षेत्र में खनन किया गया।
30 घंटे से छापा जारी, दर्जनों अफसर डटे
रसड़ा (बलिया) के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और सहयोगी खनन व्यवसायियों के ठिकानों पर आयकर (आईटी) विभाग की करीब 30 घंटे की छापेमारी में सोनभद्र के राबर्ट्सगंज, ओबरा और चोपन में कई स्थानों पर दस्तावेज खंगाले गए। अफसरों ने स्टेट बैंक की शाखा में 20 लाख रुपये जमा कराए। बलिया में विधायक के पैतृक गांव खनवर स्थित आवास, प्लांट/दफ्तर में छानबीन की गई। रसड़ा स्थित होटल और अठिलापुर एवं दौलतपुर (नरही) में विधायक के करीबियों के यहां जांच की।




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