सांठगांठ जारी, इसलिए उनके आभारी; योगी सरकार की तारीफ को लेकर मायावती पर अखिलेश का तंज
लखनऊ में बसपा महारैली में मायावती ने योगी सरकार की तारीफ की। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादय की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बिना नाम लिए तंज किया है। एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि क्योंकि ‘उनकी’ अंदरूनी साँठगाँठ है जारी। इसीलिए वो हैं ज़ुल्मकरनेवालों के आभारी।

बसपा महारैली में मायावती ने योगी सरकार की तारीफ की। मायावती ने कहा कि मायावती ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार योगी सरकार की भी बहुत-बहुत आभारी हूं और इसीलिए आभारी है क्योंकि इस स्थल को देखने वाले लोगों के टिकटों का इकट्ठा हुआ पैसा सपा सरकार की तरह वर्तमान भाजपा की राज्य सरकार ने इसे दबाकर नहीं रखा है बल्कि करने पर इसे मरम्मत इसकी मरम्मत करने पर पूरा खर्च किया। इसके बाद इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादय की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बिना नाम लिए तंज किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि क्योंकि ‘उनकी’ अंदरूनी साँठगाँठ है जारी। इसीलिए वो हैं ज़ुल्मकरनेवालों के आभारी।
दरअसल, बसपा पार्टी के संस्थापक कांशीराम के परिनर्विाण दिवस पर गुरुवार को यहां कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित महारैली में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मायावती ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में जब उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब इन जातिवादी पार्टियों के चेहरे बेनकाब हो गए। कांग्रेस, भाजपा और सपा ने मिलकर षड्यंत्र किया कि बसपा को केंद्र की सत्ता तक न पहुंचने दिया जाए। रही-सही कसर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) ने पूरी कर दी।
अपने संबोधन में कांग्रेस पर पहला निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर देश के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सद्धिांतों का अपमान किया था। कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर और दलित समाज का सच्चा सम्मान नहीं किया। आज वही कांग्रेस नेता संविधान की कापी लेकर नाटकबाजी कर रही है।
उन्होंने कहा कि सपा के शासन में दलितों और पिछड़ों का खुला उत्पीड़न हुआ। सपा सरकार में कानून व्यवस्था चरमरा गई थी। गुंडों और अराजकतत्वों को संरक्षण दिया गया।
प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। उन्होने कहा " डॉ. आंबेडकर का सपना था कि दलितों और पिछड़ों को एकजुट होकर सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेनी चाहिए। डॉ. आंबेडकर का यह सपना कांशीराम के जीवनकाल में तो पूरा नहीं हो सका, लेकिन हमने इसे पूरा किया। हमने तीन बार गठबंधन सरकार और एक बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर इतिहास रचा। हमने दलितों, पिछड़ों और समानतावादी विचारधारा रखने वाले लोगों को साथ लेकर 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति पर काम किया।
सपा पर लगाया आरोप
मायावती ने कहा कि मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर कांशीराम का स्मारक बनाने की बात कही लेकिन जब सत्ता में थे तो कभी ऐसा नहीं किया। ये लोग जब सत्ता में नहीं होते हैं तो इन्हें बसपा के नेता और दलित समाज के संतों की याद आती है जब सत्ता में आते हैं तो कुछ नहीं याद रहता है। ऐसे दोगले लोगों से सावधान रहना चाहिए। बसपा की सरकार रहते हुए मैंने जिन स्मारकों का नाम कांशीराम जी के नाम पर रखा उन्हें सपा की सरकार आने पर बदल दिया गया।
योगी सरकार की तारीफ
रैली में प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने रैली ग्राउंड पर पैसा लगाया है। भाजपा ने सपा की सरकार की तरह टिकट का पैसा दबाकर नहीं रखा। भाजपा सरकार ने स्मारक के रखरखाव के लिए खर्च किया। उन्होंने कहा कि बसपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक आंदोलन है, जो समाज के दबे-कुचले वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए सतत संघर्षरत है। हमारे विरोधी चाहे कितनी भी साजिशें रच लें, बसपा का आंदोलन न कभी झुका है, न झुकेगा।




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