नाजिया उठो, इतनी देर तक सो रही हो...कफन हटा चीख पडे़ पिता; मेडिकल छात्रा ने किया सुसाइड
नाजिया हसन मंधना स्थित महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में बीडीएस के फाइनल इयर की छात्रा थी। नाजिया गूबा गार्डन स्थित अलका हॉस्पिटल के पीछे स्थित हॉस्टल में रहती थी। गुरुवार को कॉलेज से लौटने के बाद नाजिया कमरे पर पहुंची। देर शाम कमरे में नाजिया का शव फंदे से लटकता मिला।

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर के गूबा गार्डन स्थित हॉस्टल में रह रही बीडीएस फाइनल इयर की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक छात्रा के कमरे से न निकलने पर सहपाठियों ने जानकारी हॉस्टल संचालक और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर कमरे का दरवाजा तोड़ा, जहां छात्रा का शव फंदे से लटक रहा था। फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल कर सबूत जुटाए। कमरे में कोई सुसाइड नोट न मिलने से छात्रा की आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बदहवास पिता मो़ हसन को नाजिया की मौत का यकीन नहीं हो रहा था। वह बार-बार कफन हटाकर चीख रहे थे, नाजिया उठो, इतनी देर तक सो रही हो...। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद लोग भी उनकी बातें सुनकर दहल उठे। पिता के मुताबिक गुरुवार को फोन कर कॉलेज से हॉस्टल आने की बात बेटी ने बताई। फिर अचानक यह कदम उठा लिया। ऐसी कौन सी बात थी जो तुमने मुझे और अपनी बड़ी बहन फौजिया तक को नहीं बताई।
मूलरूप से मुंगेर जिले के करबला रोड आजाद कॉलोनी हसन मंजिल निवासी सेवानिवृत्त क्लर्क मो. हसन की 23 वर्षीया बेटी नाजिया हसन मंधना स्थित महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में बीडीएस (दंत चिकित्सा) के फाइनल इयर की छात्रा थी। नाजिया गूबा गार्डन स्थित अलका हॉस्पिटल के पीछे स्थित हॉस्टल में रहती थी। गुरुवार को कॉलेज से लौटने के बाद नाजिया कमरे पर पहुंची।
देर शाम तक उसके कमरे से न निकलने पर अगल-बगल रहने वाली सहपाठियों ने हॉस्टल संचालक और पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची, आवाज दी लेकिन कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया तो सामने नाजिया का शव फंदे से लटकता मिला। बेटी की मौत की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। थाना प्रभारी ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं परिजन भी छात्रा के सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं कर सके। फिलहाल, मोबाइल कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
अस्पताल को जमीन खरीदी, अब सपने चकनाचूर
पिता ने बताया कि नाजिया ने फोन कर कहा था कि, अब मैं पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग भी करने लगी हूं। यह सुन पिता ने अस्पताल खुलवाने के लिए एक जमीन खरीदी थी। जहां इसी साल काम चालू करवाना था। लेकिन बेटी के जाने के बाद सब सपने चकनाचूर हो गए। क्या फायदा जमीन का अब। वहीं मलाल इस बात का है कि आखिर नाजिया ने क्यों जान दी, यह समझ नहीं आ रहा है।




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