एसआईआर में यूपी के इस जिले में पांच लाख से अधिक वोटर मिले संदिग्ध, अब बड़ी तैयारी
यूपी में तेज रफ्तार से मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) चल रहा है। अभी तक 94 प्रतिशत मतदाता फॉर्म फीड किए जा चुके हैं। इस बीच पश्चिमी यूपी के मेरठ में पांच लाख से अधिक मतदाता संदिग्ध मिले हैं। इन्हें लेकर अब बड़ी तैयारी हो रही है। इन्हें नोटिस जारी होगा और नाम काटे जाएंगे।

यूपी में तेज रफ्तार में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर चल रहा है। 94 प्रतिशत मतदाता फीड हो चुके हैं। इस बीच पश्चिमी यूपी के मेरठ में पांच लाख से अधिक वोटर संदिग्ध मिले हैं। इन वोटरों को अब नोटिस जारी होगा। यदि यह मतदाता सही होंगे तो उन्हें नोटिस के जवाब में साक्ष्य दिखाने होंगे, अन्यथा उनके नाम वोटर लिस्ट से हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगे। प्रशासन की ओर से इसकी कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ नोटिस की कार्रवाई प्रारंभ हो जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में चार नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया चल रही है। अब तक करीब 94 प्रतिशत मतदाताओं का एसआईआर (संदिग्ध सहित) पूर्ण होने की स्थिति में है। इसके तहत पांच लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम 2025 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन मौके पर वे या तो नहीं मिले, या वह मृत या शिफ्ट हो चुके हैं।
करीब 33 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिनके घर पर एसआईआर फार्म दिया गया, लेकिन वापस जमा नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार अब आयोग के निर्देशानुसार इन सभी मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 16 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दावा-आपत्ति प्राप्त किए जाएंगे। इसी तरह 16 दिसंबर से सात फरवरी 2026 के बीच नोटिस की कार्रवाई होगी। जिले में अब तक सबसे अधिक 1.20 लाख मतदाताओं का नाम कैंट में और 82 हजार से अधिक का नाम सरधना क्षेत्र में कटने जा रहा है।
इस तरह है एसआईआर और संदिग्ध मतदाताओं की स्थिति
विधानसभा क्षेत्र एसआईआर संदिग्ध
सिवालखास 78 प्रतिशत 15 प्रतिशत
सरधना 77 प्रतिशत 23 प्रतिशत
हस्तिनापुर 77 प्रतिशत 15 प्रतिशत
किठौर 79 प्रतिशत 14 प्रतिशत
मेरठ कैंट 62 प्रतिशत 24 प्रतिशत
मेरठ शहर 70 प्रतिशत 22 प्रतिशत
मेरठ दक्षिण 69 प्रतिशत 28 प्रतिशत
(नोट: संदिग्ध मतदाता में वे हैं जो अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत अथवा गणना फार्म नहीं जमा करने वाले)
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया, क्या होगा
एडीएम और उप जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले के 26 लाख से अधिक मतदाताओं को चार नवंबर से लगातार गणना फार्म जमा करने का अवसर दिया जा रहा है। अब पांच लाख से अधिक संदिग्ध मतदाताओं का नाम हटाया जाएगा। इन सभी को आयोग के निर्देश के तहत ईआरओ के स्तर से नोटिस जारी होगा तब साक्ष्य भी दिखाने होंगे
यूपी में 94 प्रतिशत मतदाता फॉर्म किए गए फीड
लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में अभी 90.90 लाख मतदाता फॉर्म फीड किया जाना बाकी है। यूपी में कुल 15.44 करोड़ मतदाता हैं और इसमें से अभी तक 15.43 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटे गए हैं। जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाकर जमा कराए गए हैं उनमें से 14.52 करोड़ यानी 94.04 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं।
अभी छह प्रतिशत मतदाता फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जाना बाकी है। फिलहाल 11 दिसंबर तक गणना प्रपत्र मतदाताओं को बांटकर उनसे भरवाने का कार्य पूरा किया जाना है। ऐसे में अब पांच दिन ही बाकी बचे हैं। यूपी सहित जिन 12 राज्यों में एसआईआर चल रहा है, वहां गणना प्रपत्र भरवाकर डिजिटाइज्ड करने के मामले में उप्र अभी भी सबसे पीछे है।
लक्षद्वीप व राजस्थान में शत प्रतिशत, गोवा में 99.75, अंडमान एवं निकोबार में 99.67, छत्तीसगढ़ में 99.66, पश्चिम बंगाल में भी 99.66, पुडुचेरी में 99.45, मध्य प्रदेश में 99.43, तमिलनाडु में 98.69, गुजरात में 98 और केरल में 96.32 प्रतिशत मतदाता फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं।




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