बेटी की शादी से पहले एक और बीएलओ की जान गई, परिवार बोला- एसआईआर का था दबाव
मुरादाबाद में बीएलओ ड्यूटी में तैनात शिक्षक जाकिर हुसैन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने निर्वाचन कार्य (SIR) के दबाव को मौत की वजह बताया है। मृतक की बेटी की शादी 28 मार्च को होनी है। शनिवार को ही फतेहपुर में बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने पर एक बीएलओ ने जान दे दी थी।

Moradabad News: फतेहपुर में बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने से नाराज बीएलओ के जान देने की घटना के एक दिन बाद ही मुरादाबाद में एक बीएलओ की मौत बेटी की शादी से पहले हो गई है। मुरादाबाद में बीएलओ ड्यूटी में तैनात शिक्षक जाकिर हुसैन की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई है। पत्नी शहाना बी ने पति की मौत के लिए वोटर लिस्ट विशेष अभियान (एसआईआर) को लेकर अधिकारियों के दबाव को कारण बताया है। दावा किया इसी के चलते पति को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जाकिर का काम अच्छा था कभी कोई नोटिस तक जारी नहीं हुआ। जाकिर की बड़ी बेटी अजरा की 28 मार्च को शादी होनी है।
सोनकपुर हरथला गली नंबर-3 निवासी शहाना बी ने जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि पति जाकिर हुसैन प्राथमिक विद्यालय नवाबपुरा में सहायक अध्यापक थे। मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में वह इसी विद्यालय के कक्ष संख्या-2 में एसआईआर कार्य में बीएलओ ड्यूटी निभा रहे थे।
बीएलओ के कार्य की अधिकता के कारण ही वह देररात तक एसआईआर का कार्य करते रहे। इसी के चलते शनिवार की रात साढ़े नौ बजे एसआईआर का कार्य करते समय ही दिल का दौड़ा पड़ने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई। रसूलपुर नगला चांदपुर बिजनौर निवासी जाकिर के ससुर जमील अहमद ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में भी ड्यूटी थी और एसआईआर के लिए वोटर उन पर दबाव बनाते थे कि शिकायत कर देंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम का कहना है कि जाकिर हुसैन का काम बेहतर था उन्हें कभी कोई नोटिस तक नहीं जारी किया गया।
फतेहपुर में फांसी लगाकर बीएलओ ने दी थी जान
इससे पहले फतेहपुर में कोतवाली क्षेत्र के आलियाबाद गांव में शिक्षामित्र बीएलओ ने शनिवार को स्कूल के कमरे में ही फांसी लगा जान दे दी थी। उसकी शर्ट की जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें वह सीधे तौर पर एसडीएम और बीईओ पर छुट्टी न देने और एसआईआर के काम के दबाव में जान देने की बात लिखी थी। आठ मार्च को अखिलेश की बेटी दिव्यांशी की शादी होनी है। शादी की तैयारियां घर में चल रही थी। कार्ड बंट चुके थे। सुसाइड नोट में लिखा कि शादी की तैयारी के लिए छुट्टी नहीं मिल रही थी। अब एसआईआर के काम से मुक्त हो जाऊंगा।
लिखा कि मैंने अपने अधिकारी एसडीएम और बीईओ साहब के चक्कर काटे और कहा कि पुत्री का विवाह है, किसी और की ड्यूटी लगा दें, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। आठ मार्च को कार्यक्रम (बेटी की शादी) है। इतना कार्य होने के बाद भी मैं काम में लगा हूं। मेरे घर के कार्य अधूरे रह गए हैं।




साइन इन