कैबिनेट मंत्री की भतीजी से शादी से ठीक पहले दारोगा के साथ कांड, इस मामले में गिरफ्तार
मेरठ के पल्लवपुरम थाने में तैनात दारोगा छत्रपाल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है। छत्रपाल का विवाह 5 मई को यूपी के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की भतीजी से होना था, लेकिन जेल जाने के बाद यह रिश्ता टूट गया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां खाकी की धमक और रसूखदार परिवार में होने वाली शादी का सपना एक झटके में चकनाचूर हो गया। पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही दारोगा की न केवल नौकरी पर संकट आ गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री के परिवार में होने वाला उनका रिश्ता भी टूट गया है।
केस से नाम निकालने के नाम पर वसूली
घटनाक्रम की शुरुआत 17 नवंबर 2025 से होती है, जब पल्लवपुरम पुलिस ने भारी मात्रा में गांजा तस्करी के आरोप में देहरादून निवासी दाउद, हरियाणा के साहिल और स्थानीय निवासी मनीष को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने मनीष की पत्नी सीमा को भी आरोपी बनाया था। इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे की विवेचना दारोगा छत्रपाल को सौंपी गई थी।
जेल से बाहर आने के बाद मनीष ने अपनी पत्नी का नाम मुकदमे से हटवाने (क्लीनचिट) के लिए दारोगा से संपर्क किया। आरोप है कि छत्रपाल ने इसके बदले मोटी रकम की मांग की। मनीष ने शुरुआती तौर पर छत्रपाल को एक लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी को क्लीनचिट नहीं मिली। इसके बाद दारोगा ने दोबारा 50 हजार रुपये की मांग की। काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 10 हजार रुपये की अगली किस्त पर तय हुआ।
थाने के भीतर ही बिछाया गया जाल
मनीष ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। शनिवार, 25 अप्रैल को इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में एंटी करप्शन की टीम ने पल्लवपुरम थाना परिसर में ही जाल बिछाया। जैसे ही मनीष ने दारोगा छत्रपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत थमाई, टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। थाने के भीतर हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री की भतीजी से टूटी शादी
इस गिरफ्तारी का सबसे बड़ा झटका दारोगा के निजी जीवन पर लगा है। बरेली के मीरगंज निवासी छत्रपाल का रिश्ता प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह की भतीजी से तय हुआ था। घर में शहनाइयां बजने की तैयारी थी और आगामी 5 मई को शादी की तारीख मुकर्रर थी। लेकिन रिश्वतखोरी के इस 'कांड' ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जैसे ही कैबिनेट मंत्री के परिवार को दारोगा की गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार में संलिप्तता की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल रिश्ता खत्म करने का फैसला ले लिया। महज दस हजार रुपये के लालच ने एक होनहार अधिकारी का करियर और रसूखदार परिवार से जुड़ने का मौका, दोनों ही हमेशा के लिए खत्म कर दिए।




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