सलीम वास्तिक और दूसरे एक्स-मुस्लिम की हत्या की थी साजिश, एटीएस के हत्थे चढ़े आतंकियों से खुलासा
यूपी एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों तुषार और समीर को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। इनके निशाने पर प्रमुख रूप से एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक और सोशल मीडिया पर सक्रिय अन्य पूर्व-मुस्लिम थे।

एटीएस ने जिन दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उन्होंने खुलासा किया कि उनके निशाने पर सलीम वास्तिक और बाकी एक्स मुस्लिम थे। गाजियाबाद में फरवरी 2026 में सलीम वास्तिक पर हमला किया था, लेकिन वह बच गया था। यूपी पुलिस ने दोनों हमलावरों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसी बात का बदला लेने के लिए दोबारा से सलीम वास्तिक को टारगेट करने और बाकी एक्स मुस्लिम की हत्या करने की प्लानिंग की जा रही थी। दोनों आरोपी फिलहाल एक्स मुस्लिम की पहचान सोशल मीडिया और बाकी माध्यम से कर रहे थे।
गाजियाबाद के लोनी स्थित अली गार्डन में सलीम वास्तिक पर दो लोगों ने हमला किया था। सलीम एक्स मुस्लिम के रूप में सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे और लगातार उन्हें लोग फॉलो कर रहे थे। वे सोशल मीडिया पर धर्म की आलोचना करते हुए वीडियो डालते थे, जिससे कट्टरपंथी नाराज थे और हत्या की धमकी दे चुके थे। 27 फरवरी को सलीम पर दो लोगों ने हमला किया था। इसी मामले में एक मार्च और तीन मार्च को दोनों हमलावर जीशान और गुलफाम को मार गिराया था। इस पूरे मामले में पाकिस्तान का कनेक्शन सामने आया था। सोहेल गैंग का कनेक्शन सामने आया था।
सलीम वास्तिक समेत बाकी एक्स मुस्लिम की हत्या करने के लिए तुषार और सलीम को टास्क दिया था। इसलिए दोनों आरोपी सलीम वास्तिक पर दोबारा हमले करने की फिराक में थे। साथ ही बाकी एक्स मुस्लिम को भी टारगेट किया जाना था। इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा था। इस बात को लेकर एटीएस ने बाकी एजेंसी से भी जानकारी साझा की है। साथ ही यूपी पुलिस को भी जानकारी दी गई है। ऐसे लोगों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट किया गया है।
एटीएस ने तुषार और समीर को नोएडा से किया गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले दो संदिग्ध आतंकी को नोएडा में गिरफ्तार किया है। एक आरोपी तुषार मेरठ का निवासी है, जबकि दूसरा आरोपी समीर दिल्ली का रहने वाला है। दोनों पिछले काफी समय से आतंकी साजिश से जुड़े थे। दोनों को टारगेट किलिंग और एक्स-मुस्लिम लोगों की हत्या का काम दिया गया था। इसके अलावा भी नए युवकों को आतंकी नेटवर्क से जोड़ने की जिम्मेदारी मिली थी। टारगेट किलिंग करने के बाद दोनों को दुबई भेजने का जिम्मा शहजाद भट्टी ने लिया था। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।
एटीएस और आईबी को इनपुट मिला था कि मेरठ की वैष्णो धाम कॉलोनी कंकरखेड़ा निवासी तुषार और दिल्ली निवासी समीर आतंकी गतिविधियों से जुड़े हैं। इनपुट के बाद दोनों की छानबीन शुरू की गई और सोशल मीडिया अकाउंट समेत बाकी निगरानी बढ़ा दी गई। संदिग्ध गतिविधियों के कारण एटीएस ने दोनों को नोएडा में गिरफ्तार कर लिया। एटीएस अधिकारियों की मानें तो दोनों पहले पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े थे।
इसके बाद आरोपियों को आईएसआई के एक अधिकारी के संपर्क में लाया गया। दोनों को दिल्ली-एनसीआर समेत बाकी जगहों पर टारगेट किलिंग के लिए तैयार किया जा रहा था, साथ ही इनको गाजियाबाद के हाल ही में हुए सलीम वास्तिक केस की तरह ही एक्स-मुस्लिम को मारने का जिम्मा दिया गया था।
जिस तरह से फरवरी 2026 को दो नकाबपोश ने सलीम वास्तिक की गर्दन काट दी थी और कातिलाना हमला किया था, उसी तरह से तुषार और समीर को काम करना था। हालांकि इससे पहले ही एटीएस ने आरोपियों को दबोच लिया। दोनों के मोबाइल जब्त कर फोरेंसिक लैब में डाटा रिकवर किया जा रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी से सप्ताह में दो से तीन बार बातचीत होती थी। कुछ रकम में शहजाद के लोगों ने पूर्व में दोनों को दी थी।
तुषार ने कर लिया धर्मांतरण, पुराना फोन तलाश रही एटीएस
एटीएस की पूछताछ में ये बात भी सामने आई कि तुषार ने अपना धर्मांतरण कर लिया है और हिजबुल्लाह अली नाम रख लिया है। धर्मांतरण कहां-कब और किसने कराया, इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है, साथ ही एटीएस को तुषार के पुराने फोन की तलाश है। माना जा रहा है कि इस फोन में काफी डाटा हो सकता है, जिसे तुषार ने कुछ समय पूर्व ही छिपा दिया था।




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