mayawati bsp candidate announced up 2027 muslim brahmin political chemistry up UP vidhansabha report मिशन 2027 में जुटीं मायावती, विस चुनाव के लिए चार नामों का ऐलान, सोशल इंजीनियरिंग पर दांव, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

मिशन 2027 में जुटीं मायावती, विस चुनाव के लिए चार नामों का ऐलान, सोशल इंजीनियरिंग पर दांव

मायावती ने यूपी चुनाव 2027 के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान शुरू कर दिया है। उन्होंने शुरूआती चार प्रभारियों में दो ब्राह्मण और दो मुस्लिम चेहरों को जगह देकर सोशल इंजीनियरिंग का दांव चला है।

Fri, 6 March 2026 01:54 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
मिशन 2027 में जुटीं मायावती, विस चुनाव के लिए चार नामों का ऐलान, सोशल इंजीनियरिंग पर दांव

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए एक साल पहले ही बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। मायावती ने उम्मीदवारों के चयन में अपना पुराना और सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' फॉर्मूला फिर से लागू किया है। इसमें ब्राह्मण और मुस्लिम समीकरणों पर विशेष जोर दिया गया है। बसपा ने चार विधानसभा सीटों के प्रभारियों का ऐलान कर दिया है। विधानसभा प्रभारी को ही मायावती उम्मीद्दवार बनाती रही हैं। ऐसे में इन चारों को अगला प्रत्याशी माना जा रहा है।

'आज तक' की रिपोर्ट के अनुसार, मायावती ने फिलहाल जिन चार महत्वपूर्ण सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की है, जिनमें दो ब्राह्मण और दो मुस्लिम चेहरे शामिल हैं। मायावती ने जालौन, आजमगढ़, जौनपुर और सहारनपुर की सीटो के लिए मुस्लिम और ब्राह्मण कार्ड खेला है।

मायावती ने सबसे पहले जलौन की माधोगढ़ सीट से ब्राह्मण नेता आशीष पांडे को प्रभारी बनाया। इसके बाद आजमगढ़ की दीदारगंज विधानसभा सीट पर अबुल कैश आजमी, जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट पर विनोद और सहारनपुर देहात विधानसभा सीट पर फिरोज आफताब को प्रभारी बनाया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी भाजपा में बदलाव की हलचल तेज, प्रदेश संगठन संग सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलेंगे

2007 वाले फॉर्मूले की वापसी

मायावती का लक्ष्य 2007 के उस सोशल इंजीनियरिंग मॉडल को दोहराना है, जिसने बसपा को पूर्ण बहुमत दिलाया था। पार्टी का मानना है कि दलित वोटबैंक के साथ अगर ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता जुड़ते हैं तो बसपा मुख्य मुकाबले में लौट सकती है।

मिशन-2027 और 100 सीटों का टारगेट

रिपोर्ट के अनुसार, मायावती ने अगले 2-3 महीनों के भीतर करीब 100 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों के नाम तय करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए मंडल और जोनल को-ऑर्डिनेटरों की एक टीम प्रत्येक सीट पर 4-4 दावेदारों के पैनल की जांच कर रही है।

अकेले चुनाव लड़ने का संकल्प

मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 में बसपा किसी भी बड़े दल (सपा, भाजपा या कांग्रेस) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उनका मानना है कि गठबंधन से बसपा का वोट दूसरी पार्टियों में ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन दूसरी पार्टियों का वोट बसपा को नहीं मिलता।

ब्राह्मणों की 'नाराजगी' को भुनाने की कोशिश

मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में यूजीसी नियमों और अन्य विवादों के बाद ब्राह्मण समाज के एक वर्ग में सत्ता पक्ष को लेकर देखी जा रही कथित नाराजगी को मायावती अपने पक्ष में मोड़ना चाहती हैं। इसी रणनीति के तहत उन्होंने पहला प्रभारी पद एक ब्राह्मण चेहरे को दिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:राजनाथ से दोगुना मायावती के पास सुरक्षा, अखिलेश संग उससे ज्यादा, किसके पास कितनी
ये भी पढ़ें:चुनाव में गठबंधन की खबरें फेक न्यूज,मायावती ने दोहराया ऐलान, नए बंगले पर दी सफाई

2007 के बाद लगातार गिर रहा ग्राफ

यूपी में 2007 में अकेले पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली बसपा का लगातार उसके बाद से ग्राफ गिर रहा है। स्थिति यह है कि मौजूदा विधानसभा में बसपा का केवल एक विधायक है। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा सपा से मुकाबले में थी लेकिन उसके बाद चुनाव दर चुनाव स्थिति बिगड़ती चली गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का भी खास फायदा नहीं हुआ।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।