माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 1.20 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
संगम तट पर आस्था, अध्यात्म और तपस्या के महापर्व माघ मेला का आज छठवां माघी पूर्णिमा पूरी भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। सुबह 10 बजे तक ही लगभग 1 करोड़ 20 लाख श्रद्धालु त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।

माल मेला के छठवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। मेला क्षेत्र में जगह जगह सुरक्षा जवानों की तैनाती है। मेला के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड्स लगाकर नो-व्हीकल जोन का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को पैदल संगम तक जाने दिया जा रहा है। स्नान घाटों पर भी जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान लगातार मोटरबोट से चक्रमण कर नजर रखे हुए हैं। स्नानार्थियों को डीप बैरिकेड्स के दायरे के अंदर ही आस्था की डुबकी लगाने कि अपील की जा रही है। वहीं, माघी पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व पर सुबह 10 बजे तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगा चुके थे।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. जयपाल शर्मा, एसपी मेला नीरज पांडेय व नोडल अधिकारी विजय आनंद भी लगाकर मेला क्षेत्र में भ्रमण कर हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। उधर, मेला क्षेत्र के बाहर भी जगह जगह बैरिकेड्स लगाकर रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। तीनों जोन के डीसीपी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। शहर के बालसन चौराहा, संगम पेट्रोल पंप तिराहा, अलोपीबाग, खुल्दाबाद आदि जगह पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। शहर के प्रवेश द्वार झूंसी व नैनी में भी जगह जगह बैरिकेड्स लगाकर जवानों की तैनाती की गई है।
कल्पवासियों के सुरक्षित वापसी की भी व्यवस्था
अपर पुलिस आयुक्त डॉ अजयपाल शर्मा ने बताया कि माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के बाद कल्पवासियों की वापसी होगी। कल्पवासियों के सुरक्षित वापसी का भी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित रूट से ही बारी बारी गंतव्य को भेजा जाएगा। इसके लिए मेला क्षेत्र से लेकर शहर, गंगानगर व यमुनानगर जोन टीम के दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं।
डीएम ने संगम क्षेत्र का लिया जायजा
डीएम ने संगम से रामघाट और मेला प्राधिकरण कार्यालय तक पैदल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। मेला प्राधिकरण कार्यालय में जाकर कंट्रोल रूम से स्थिति का जायजा लिया। सुबह 10:30 बजे तेलियरगंज से गंगा पथ की ओर लोग आते दिखाई दिए। वहीं मेडिकल कॉलेज चौराहे पर भी भीड़ दिखाई दी। मेलाधिकारी ऋषिराज सुबह से संगम तट पर मौजूद थे। मेलाधिकारी ने बताया कि अनुमान से अधिक भीड़ के कारण हर घाट पर एक मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है।




साइन इन