माघी पूर्णिमा स्नान के साथ आज पूरा होगा कल्पवास, नम आंखों से संगम से विदा लेंगे कल्पवासी
आज माघी पूर्णिमा के पांचवें और अंतिम प्रमुख स्नान के साथ संगम पर एक माह का कल्पवास समाप्त हो रहा है। लाखों श्रद्धालु, जिन्होंने जनवरी की शुरुआत से कठिन तप और संकल्प के साथ इस धार्मिक यात्रा में भाग लिया, अब अपने-अपने घरों की ओर लौटेंगे।

छोटे-छोटे शिविर बनाकर, गृहस्थी का सामान बटोरकर संगम की रेती पर एक माह का कल्पवास करने आए श्रद्धालु रविवार को माघी पूर्णिमा के पांचवें प्रमुख स्नान के साथ मेला क्षेत्र से निकल जाएंगे। विदाई की बेला में आंखें नम होंगी। थोड़ी खुशी और थोड़ा गम होगा। खुशी धर्म और आध्यात्म के साथ एक माह के कठोर तप का जो संकल्प तीन जनवरी को लिया था, वो एक फरवरी को माघी पूर्णिमा के साथ पूरा होगा और गम इस बात का कि एक महीने की तपस्या में जो साथी बनें, उनसे अब अगले साल मुलाकात होगी।
प्रशासन का दावा है कि मेला क्षेत्र में लगभग 10 लाख कल्पवासी हैं, जो अब अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे। माघी पूर्णिमा के साथ माघ महीना पूरा होगा। मेलाधिकारी ऋषिराज, अपर मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद, एसडीएम मेला विवेक शुक्ला ने शनिवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। इसमें आने के साथ बड़ी संख्या में निकलने वाले लोग भी शामिल होंगे, ऐसे में यातायात व्यवस्था को अधिक दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मार्गों को ऐसा रखा जाएगा, जिसमें आने और जाने वाले लोग आमने-सामने न हों।
एडीजी-एलओ ने संभाली कमान, दिए दिशा-निर्देश
माघ मेले के पांचवें प्रमुख स्नान पर्व को लेकर शासन गंभीर है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश प्रयागराज आ चुके हैं। एडीजी एलओ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि वो मेला क्षेत्र में पूरी नजर रखें। मेला क्षेत्र में और जिले में जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र के गाटा मार्गों पर विशेष ध्यान रखें। अफसर लगातार निरीक्षण करें। वहीं, इसे लेकर मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। सभी अफसरों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। घाटों की व्यवस्थाओं को देख लिया गया और सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकतर लोग निकलेंगे, ऐसी दशा में निकास के मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पांचवें स्नान को लेकर प्रशासन अलर्ट
मेला प्राधिकरण में अफसरों ने पांचवें प्रमुख स्नान पर्व की तैयारियों को देखा। मेलाधिकारी ऋषिराज ने अफसरों से कहा कि वो पूरी तरह से मुस्तैद रहें। मेला समाप्ति की ओर बढ़ रहा है तो अधिक सतर्कता की जरूरत होती है। जोनल प्लान पूरी तरह से लागू रखा गया है। वहीं अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वो अपने सेक्टर में रहें। मेला क्षेत्र के निकास के मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस के अफसर मौजूद रहेंगे। समन्वय के लिए एक टीम को रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी टीम तैनात रहेगी। कोई भी समस्या होने की दशा में कंट्रोल रूम को फोन किया जाएगा।




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