Suresh Khanna Criticizes Opposition for Women s Reservation Bill Protest विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता के कारण संसद में महिला आरक्षण में बाधा: सुरेश खन्ना , Lucknow Hindi News - Hindustan
More

विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता के कारण संसद में महिला आरक्षण में बाधा: सुरेश खन्ना

Lucknow News - प्रदेश के मंत्री सुरेश खन्ना ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों के विरोध पर विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों ने महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया है। मंत्री ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया, जो महिलाओं के उत्थान के लिए हैं।

Sat, 25 April 2026 12:14 AMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share
विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता के कारण संसद में महिला आरक्षण में बाधा: सुरेश खन्ना

प्रदेश के संसदीय कार्य, वित्त एवं लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों के विरोध को पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है और अपनी महिला-विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। नैमिषारण्य अतिथि गृह में मीडिया को सम्बोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट मत है कि नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लखीसराय: महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, विपक्ष पर भाजपा का हमला

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर तुष्टिकरण का खेल खेल रहे हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक तकनीकी बहानों और समितियों के नाम पर महिला आरक्षण को लटकाए रखा, जबकि भाजपा सरकार महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है। संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का क्रियान्वयन परिसीमन से सीधे जुड़ा है। उन्होंने अनुच्छेद 81 और 82 का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसका उद्देश्य संतुलित और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन ऐतिहासिक अवसरों को टालने का खामियाजा विपक्षी दलों को आगामी चुनावों में महिलाओं के आक्रोश के रूप में भुगतना पड़ेगा।प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रदेश में महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए कहा कि हमारी सरकार कथनी से अधिक करनी में विश्वास रखती है। लखपति महिला योजना के तहत 35 लाख से अधिक दीदियों का चिह्नांकन हुआ है और 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बनी हैं। बीसी सखी योजना के माध्यम से 42.71 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेनदेन किया गया है। इसी तरह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (27.37 लाख बेटियां लाभान्वित) के माध्यम से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी 13% से बढ़कर 36% तक पहुंच चुकी है। मिशन शक्ति और एन्टी रोमियो स्क्वाड के माध्यम से महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2017 से 15 जनवरी 2026 तक महिला अपराधों के 32,801 मामलों में अपराधियों को सजा दिलाई गई है, जो हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 5.54 लाख से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया है। मंत्री ने अंत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से लड़ेगी ताकि देश की आधी आबादी को उनका हक मिल सके।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।