बिजली संकट से हाहाकार, 1600 मेगावाट पहुंची मांग
Lucknow News - जैसे-जैसे पारा चढ़ा, लखनऊ में बिजली की मांग 1600 मेगावाट के पार पहुंच गई। इससे कई क्षेत्रों में बिजली कटौती हुई, जिससे पानी की किल्लत भी हो गई। उपभोक्ता अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः दोपहर 1 बजे बिजली सप्लाई सामान्य हुई।

पारा चढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की मांग 1600 मेगावाट के ऊपर पहुंच गई है। इससे जानकीपुरम, इंदिरानगर, काकोरी, नगराम सहित कई इलाकों में गुरुवार को एबीसी (एरियल बंच कंडक्डर) जलने, केबल फाल्ट और ब्रेकडाउन के कारण घंटों बिजली सप्लाई ठप रही। परेशान उपभोक्ता उपकेंद्र से लेकर अधिकारियों तक फोन घुमाते रहे, लेकिन ज्यादातर अधिकारियों के मोबाइल व्यस्त रहे। वहीं बिजली न आने से बसंतकुंज उपकेंद्र के भूहर सहित कई क्षेत्रों में पानी का संकट खड़ा हो गया। काकोरी स्थित एफसीआई उपकेंद्र के पास 250 केवीए ट्रांसफार्मर की एबीसी जल गई। इससे पूरे इलाके की बिजली रात भर गुल रही।
उमस भरी गर्मी में बिना पंखे और एसी के लोगों की रात आंखों में कटी। बिजली न होने का सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ा। सुबह होते-होते घरों में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया। कार्यालय जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्कूली छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मजबूरन कई नागरिकों को निजी जनरेटर मंगाकर पानी भरना पड़ा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टोल-फ्री नंबर 1912 और उपकेंद्र पर बार-बार शिकायत के बावजूद घंटों तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि दोपहर एक बजे बिजली सामान्य हुई। इंदिरानगर सेक्टर-20 में रात सवा दस बजे से देर रात तक बिजली सप्लाई ठप रही।बसंतकुंज उपकेंद्र के अंतर्गत अमेठिया फीडर से पोषित भूहर लालबाग में बीती रात 12 बजे से गुरुवार दोपहर एक बजे तक बिजली आई। अहिबरनपुर उपकेंद्र के त्रिवेणीनगर फीडर ब्रेकडाउन हो गया। यूपीआईएल उपकेंद्र के बशीरतगंज में ट्रांसफार्मर का तेल लीकेज होने लगा। इससे आधा घंटा बिजली बाधित रही। पुरनिया व गोयल उपकेंद्र के गुलाचीन मंदिर, सेक्टर-सी, सेक्टर-एच सहित कई इलाकों में बिजली गुल रही। जानकीपुरम के न्यू कैंपस उपकेंद्र के अंतर्गत मिर्जापुर में बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से लोग परेशान रहे। स्थानीय निवासी महेन्द्र ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित होती है। इससे आम जनमानस को भारी असुविधा, मानसिक तनाव तथा दैनिक कार्यों में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता। सआदतगंज में अंडरग्रांउड केबल दुरुस्त करने का काम दिनभर चला। जिससे शाम को बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।नगराम में अंधेरे में डूबे 80 से अधिक गांवबिजली संकट केवल शहरी सीमा तक सीमित नहीं रहा। नगराम के समेसी उपकेंद्र के पास हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से करीब 80 गांव तीन घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे। वहीं, मीरखनगर फीडर में आए ब्रेकडाउन ने 35 अन्य गांवों की बत्ती गुल कर दी।
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