सपा पर खूब बरसे योगी, बोले-महिला आरक्षण रोकना नारी शक्ति का अपमान, वोट से मिलेगा जवाब
Uttar-pradesh News - राजधानी लखनऊ में बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ जो विश्वासघात विपक्ष ने किया है उसका जवाब देश की करोड़ों महिलाएं वोट की ताकत से देंगी। योगी ने कहा कि महिला आरक्षण रोकना नारी शक्ति का अपमान है।

UP News: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के रवैये को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को जोरदार हमला बोला। बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक साथ मंच साझा करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि महिलाओं के साथ जो विश्वासघात विपक्ष ने किया है उसका जवाब देश की करोड़ों महिलाएं वोट की ताकत से देंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण पर विपक्ष की सोच कुत्सित है और उन्होंने देश की आधी आबादी का हक छीनने का काम किया है। योगी ने कहा कि महिला आरक्षण रोकना नारी शक्ति का अपमान है।
उन्होंने संसद में विपक्षी दलों के आचरण की तुलना द्रौपदी के चीरहरण से करते हुए कहा कि यह नारी शक्ति का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को साजिश के तहत रोका जो उनकी नारी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण तथा आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाया है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सपा हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और यही उसकी असली पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सपा मुस्लिम बहनों के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग करती है जो न केवल असंवैधानिक है बल्कि देश की एकता के लिए भी खतरनाक है।
ऐसी मांगें केवल वोट बैंक की राजनीति
उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का संविधान किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की अनुमति नहीं देता और ऐसी मांगें केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए की जाती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पारित यह कानून देश की करोड़ों महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। लेकिन जिस दिन यह अधिनियम पारित हुआ उस दिन विपक्ष ने महिलाओं की भावनाओं पर पानी फेरते हुए उस गौरवशाली दिन को काला दिन बना दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के इस रवैये से देश की महिलाएं गहरी आहत हैं और इसी के विरोध में वे लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि देश की महिलाएं अब चुप बैठने वाली नहीं हैं और आने वाले चुनावों में वोट की ताकत से विपक्ष को करारा सबक सिखाएंगी।
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