बिना हेलमेट बाइक चलाना पड़ेगा बहुत भारी, अब केवल जुर्माना नहीं, RTO का बड़ा एक्शन शुरू
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है। बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर सबसे ज्यादा आईटीओ विभाग की नजर है। अब केवल जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों का लाइसेंस ही निलंबित और रद्द किया जाएगा।

UP News: बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले सावधान हो जाएं। बार-बार ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना केवल आर्थिक दंड (जुर्माना) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे चालकों को सड़क पर वाहन चलाने के अधिकार से भी हाथ धोना पड़ सकता है। परिवहन विभाग (RTO) ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना हेलमेट बेधड़क होकर बाइक या कोई भी दोपहिया वाहन चलाना अब बहुत भारी पड़ने वाला है। अब ऐसे वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए जाएंगे। इसकी शु्रुआत भी हो गई है। निलंबन अवधि में यदि वाहन चलाते मिलेंगे तो ड्राइविंग लाइसेंस को रद करने की सिफारिश की जाएगी।
यह पहली बार है जब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ के आरटीओ कार्यालय के अनुसार पिछले तीन महीनों में पांच या पांच बार से अधिक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 124 वाहन चालकों के डीएल निलंबित किए गए हैं। इसमें बिना हेलमेट के 86, नशे में ड्राइविंग के 18 व खतरनाक ड्राइविंग पर 20 वाहन चालकों के डीएल निलंबित किए गए हैं। तीन माह के लिए निलंबित लाइसेंस के दौरान यदि चालक वाहन चलाते हुए पाया गया तो उसके लाइसेंस को रद करने की सिफारिश की जाएगी।
570 चालकों को नोटिस
आरटीओ कार्यालय के अनुसार बार-बार नियम तोड़ने वाले 570 वाहनों का चालान करने के साथ ही नोटिस भी भेजा गया है। इनमें 250 मामले सिर्फ बिना हेलमेट के हैं जिन्होंने चालान भी जमा नहीं किया है। ये चालान इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत चौराहों पर लगे कैमरों से ट्रैफिक पुलिस ने किए हैं।
कार पर 22500 का जुर्माना
लखनऊ। खुद के पास लर्निंग लाइसेंस और कार चलाना सिखा रहे थे दूसरों को। एआरटीओ प्रवर्तन की जांच में यह खुलासा हुआ। एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव मंगलवार को आईआईएम रोड पर यादव चौराहा के पास सिद्धि विनायक मोटर ट्रेनिंग स्कूल का बोर्ड लगा कर कार चलाना सिखा रही एक कार को रोका। पता चला कि कार चलाना सिखा रहे चालक संचित कुमार के पास लर्निंग लाइसेंस है। इस्तेमाल की जा रही कार निजी थी और नवाब हसन, सीतापुर रोड, लखनऊ के नाम पर पंजीकृत है। उसका फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं था। मोटर ट्रेनिंग स्कूल आरटीओ में पंजीकृत ही नहीं है। कार स्वामी और चालक के खिलाफ मड़ियांव थाने में तहरीर दी गई। कार सीज करते हुए 22,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।




साइन इन