सिपाहियों से आईपीएस की वसूली; ऐक्शन में लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट, एडीसीपी को सौंपी गई जांच
लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर आईपीएस अधिकारियों पर वसूली के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी लाइंस को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर आईपीएस अफसरों पर सिपाहियों से वसूली का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। वीडियो में सिपाही ने आरोप लगाया कि लखनऊ के साथ ही विभिन्न जनपदों में पुलिस लाइन में ड्यूटी के नाम पर हर जवान से दो हजार रुपये प्रति माह वसूले जा रहे हैं। सिपाही के आरोपों पर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट एक्शन में आ गया है। सिपाही के वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने एडीसीपी लाइंस को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
सुनील कुमार शुक्ला वर्ष 2015 बैच का सिपाही है। मूल रूप से अमेठी के गौरीगंज का रहने वाला है। वायरल वीडियो में सिपाही वर्दी पहने हुए है। उसने सबसे पहले अपना नाम बताते हुए कहा कि आईपीएस अधिकारी वसूली गैंग चला रहे हैं। लाइन में तैनात आरआई गणना प्रभारी के जरिए नीचे से ऊपर तक वसूली का नेटवर्क चला रहे हैं। आईपीएस आरआई को नियुक्त करते हैं। आरआई वसूली के लिए एक गणना प्रभारी को नियुक्त करता है। गणना प्रभारी अपनी सुविधा के अनुसार एक गार्द कमांडर की नियुक्ति करता है। गार्द कमांडर हर महीने प्रति सिपाही दो हजार रुपये वसूली करता है।
ड्यूटी लगवाने के लिए सभी सिपाहियों को दो हजार रुपये देने होते हैं। यह वसूली विभिन्न जनपदों की पुलिस लाइन में होती है। सिपाही ने आरोप लगाया कि गार्द कमांडर और आरआई अपना रिस्सा रख लेता है। सिपाही ने आईपीएस को काले अंग्रेज के नाम से संबोधित करते हुए कहा कि वसूली का बाकी हिस्सा अफसरों को जाता है। सिपाही सुनील ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने कहा कि जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
सिपाही सुनील ने वीडियो में आरोप लगाया कि लखनऊ पुलिस लाइन में 110-120 गारद हैं। इसमें करीब 500 से 550 सिपाही और दीवान हैं। करीब 400 सिपाहियों को ड्यूटी मिलती है। 400 से दो हजार का गुणा करने पर आठ लाख की वसूली सिर्फ एक गणना से पुलिस लाइन में होती है।
मकान बनवाने के नाम पर ली 20 दिन की छुट्टी
पुलिस लाइंस के आरआई प्रथम ब्रजेंद्र सिंह ने बताया वसूली के सारे आरोप निराधार हैं। सिपाही सुनील की पत्नी भी आरक्षी हैं। वह रायबरेली में तैनात हैं। सिपाही की कुछ पारिवारिक दिक्कतें भी हैं। वह बुधवार से 20 दिन के अवकाश पर हैं। मकान बनवाने के नाम पर छुट्टी लेकर गए हैं। उसके बाद वीडियो वायरल हुआ है।




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