यूपी के इस ग्राम पंचायत के विकास की गूंज दिल्ली तक, देखें हाईटेक ग्राम सचिवालय की PHOTOS
यूपी की राजधानी लखनऊ की एक ग्राम पंचायत के विकास की चर्चा दिल्ली तक पहुंची। हाईटेक ग्राम सचिवालय सुर्खियों में छाया है। ग्राम प्रधान को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। जबकि पंचायत को पुरस्कृत किए जाने का प्रस्ताव पंचायत राज विभाग ने शासन को भेजा है।

यूपी के लखनऊ में निगोहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नटौली इन दिनों अपने विकास मॉडल को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत के कायाकल्प के बाद विकसित हाईटेक ग्राम सचिवालय की चर्चा दिल्ली तक गूंज रही है। ग्राम पंचायत नटौली का विकास मॉडल प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए मिसाल बन गया है। गांव के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए ग्राम प्रधान को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। जबकि पंचायत को पुरस्कृत किए जाने का प्रस्ताव पंचायत राज विभाग ने शासन को भेजा है।

करीब साढ़े पांच लाख की लागत से तैयार नटौली का ग्राम सचिवालय आधुनिक सुविधाओं से लैश है। प्रदेश ही नहीं दूसरे राज्यों से आने वाली टीमें भी ग्राम सचिवालय के कार्यों का निरीक्षण कर चुकी हैं। सचिवालय में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, पंचायत सहायक और लेखपाल के लिए केबिन बनाए गए हैं। गांव के लोगों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड समेत सभी सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन कराने के लिए सीएससी (जन सेवा केंद्र) भी संचालित किया जा रहा है। मात्र 30 रुपए में ग्रामीणों को सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सचिवालय का हरा-भरा परिसर और आकर्षक मीटिंग हॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पंचायत में उच्चस्तरीय टॉयलेट भी निर्मित किए गए हैं।

वाई-फाई से लैस ग्राम सचिवालय में जुटती है युवाओं की भीड़
ग्राम प्रधान सुष्पेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक ग्राम सचिवालय में सीएससी संचालन के लिए वाई-फाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नटौली की लगभग 3,500 आबादी के साथ अन्य गांवों के लोग भी नियत शुल्क पर योजनाओं के आवेदन कराने यहां आते हैं। प्राप्त शुल्क से जहां पंचायत की आय बढ़ रही है, वहीं वाई-फाई बिल, पंचायत सहायक को प्रोत्साहन राशि और अन्य कार्यों में भी मदद मिल रही है। गांव के छात्र-छात्राएं भी वाई-फाई का उपयोग कर पढ़ाई कर रहे हैं।

46 सीसीटीवी कैमरों से बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था
ग्राम पंचायत में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 32 सीसीटीवी कैमरे सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए हैं। इन्हें अनाउंसमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा गया है। ग्राम सचिवालय में बने कंट्रोल रूम से पूरे गांव की निगरानी की जाती है। जिससे आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा अपर प्राइमरी स्कूल और आरआरसी में भी 14 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्कूल में बच्चों के लिए ओपन जिम भी संचालित है।

सचिवालय के पास बन रही लाइब्रेरी और ओपन जिम
ग्राम प्रधान सुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि हाईटेक ग्राम सचिवालय के पास ग्रामीणों के लिए लाइब्रेरी और ओपन जिम का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इसी परिसर में छायादार पार्किंग भी विकसित की जा रही है। जल्द ही गांव और क्षेत्र के लोगों को ये सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी जाएंगी। पंचायत के आधुनिक स्वरूप ने यह साबित किया है कि अगर इच्छाशक्ति और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए तो गांव भी शहरों को विकास में पीछे छोड़ सकते हैं।




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