लखनऊ मेयर घुसपैठियों के खिलाफ ऐक्शन में, छापेमारी पर झुग्गियों से भागने लगीं महिलाएं-पुरुष
योगी सरकार के निर्देश के बाद यूपी में घुसपैठियों के खिलाफ ऐक्शन जारी है। इसी क्रम में लखनऊ मेयर भी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।लखनऊ मेयर नगर निगम टीम के साथ छापेमारी कर रही हैं।

यूपी की राजधानी लखनऊ में अवैध घुसपैठियों पर तबाड़तोड़ ऐक्शन जारी है। छापेमारी कर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या पर बड़ी कार्रवाई जा रही है। सफाईकर्मी बनकर शहर में रह रहे अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या की पहचान के लिए महापौर सुषमा खर्कवाल उनकी बस्तियों में पहुंच गईं। बहादुरपुर इलाके में महापौर सुषमा खर्कवाल नगर निगम और ईटीएफ की टीम के साथ मौके पर पहुंचीं तो हड़कम्प मच गया। गुडंबा थाना क्षेत्र के शंकरपुरवा प्रथम वार्ड स्थित बहादुरपुर में महापौर का काफिला देखते ही आधा दर्जन से अधिक महिलाएं झुग्गियों से निकलकर इधर-उधर भागती नजर आईं, जबकि कई युवक भी मौके से फरार हो गए।
टीम की ओर से जब वहां मौजूद लोगों से आधार कार्ड, एनआरसी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे गए, तो कई पहचान पत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। अभियान के दौरान मौके से 50 अवैध ठेलिया जब्त की गईं। इसके साथ ही कूड़ा ढोने में इस्तेमाल हो रहे दो टाटा मैजिक वाहन भी कब्जे में ले लिए गए। कार्रवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जोनल सेनेटरी अधिकारी अजीत राय, नगर निगम टीम और ईटीएफ के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। महापौर ने अवैध वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने और दोबारा ऐसी गतिविधियां न होने देने के निर्देश दिए। मौके पर बिजली विभाग के एसडीओ को बुलाकर क्षेत्र में चल रहे अवैध बिजली कनेक्शन भी कटवाए गए।
असम के हो तो ग्राम प्रधान का नाम बताओ....
महापौर सुषमा खर्कवाल ने जब पूछताछ शुरू की तो कई लोग यह बताने लगे कि वे मूल रूप से असम के हैं। इस पर महापौर ने उनके गांव का नाम पूछा। जब बताया तो यह पूछा कि ग्राम प्रधान कौन है, विधायक कौन है। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों से असम के संबंधित जिले से सत्यापन करने का निर्देश दिया।
एक साल से रडार पर आए बांग्लादेशी
- दिसंबर 2024
लखनऊ नगर निगम ने अवैध निवासियों व संदिग्धों की पहचान अभियान शुरू किया।
- दिसम्बर 2024
नगर निगम ने 20 से अधिक इलाकों को चिह्नित किया जहां अवैध रूप से बसे होने का संदेह था।
- अप्रैल 2025
प्रदेश पुलिस ने अवैध प्रवासियों की पहचान व सत्यापन अभियान तेज किया। शासन से पुलिस को निर्देश मिले कि संदिग्धों की फिंगरप्रिंटिंग और दस्तावेज जांच कर जिलावार डेटाबेस बनाएं।
- नवम्बर 2025
नगर निगम ने संदिग्ध बांग्लादेशी-रोहिंग्या निवासियों की सूची तैयार करने की कवायद शुरू की। सफाई कर्मियों, मजदूरों की जांच भी शामिल।




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