सीएम योगी श्रमिकों को देने जा रहे बड़ा तोहफा, वेज बोर्ड से पहले मई दिवस को होंगे कई ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 मई (मई दिवस) पर उत्तर प्रदेश के श्रमिकों, विशेषकर नोएडा और गाजियाबाद के कामगारों के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। सरकार ने हाईपावर कमेटी बनाई है जो वेज बोर्ड के गठन और सुविधाओं के विस्तार पर अंतिम प्रस्ताव तैयार कर रही है।

UP News: योगी सरकार मई दिवस (एक मई) पर श्रमिकों को खास तोहफा देने की तैयारी में है। खासतौर से नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए सुविधाएं और बढ़ेंगी। इसके लिए सरकार मंथन में जुटी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनीं हाईपावर कमेटी के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने सभी विभागों के साथ इसे लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में चर्चा की। ग्रेटर नोएडा में नया ईएसआई अस्पताल, श्रमिकों के ठहरने के लिए स्थल, स्कूल सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
बीते दिनों नोएडा में हुए बवाल के बाद प्रदेश सरकार बेहद चौकन्नी है। एक ओर न्यूनतम मजदूरी की दरें बढ़ाई गई हैं तो दूसरी ओर अगले माह नया वेज बोर्ड गठित करने की घोषणा की गई है। मजदूरी भी महंगाई के हिसाब से नोएडा और गाजियाबाद में ही सर्वाधिक बढ़ाई गई है। इसके साथ ही अब श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सुविधाएं बढ़ाए जाने पर भी सरकार विचार कर रही है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने ईएसआई अस्पताल के लिए जगह अलॉट की है। एक मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका शिलान्यास कराया जा सकता है। वहीं बीओसीडब्ल्यू बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाया जाना प्रस्तावित है।
सुझावों से तैयार होगा फाइनल प्रस्ताव
इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में पूर्वांचल सहित प्रदेश भर से श्रमिक पहुंचते हैं। उनके ठहराव के लिए अस्थायी इंतजाम करने के लिए हॉस्टल बनाए जाने पर भी विचार हो रहा है। इसके अलावा उन इलाकों के बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में भी प्राथमिकता के आधार पर श्रमिकों के बच्चों का नामांकन कराने की योजना है। उन इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी नहीं रहेगी। श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन और शिलान्यास
श्रम विभाग कामगारों के लिए बनीं तमाम योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी इस दौरान करेगा। वर्चुअल बैठक स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम समेत कई विभागों के प्रमुख सचिव शामिल रहे। सुझावों के आधार पर कार्यों की सूची को अंतिम रूप दिया जाना है। वहीं चयनित कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री के हाथों कराया जा सकता है।
श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की बड़ी कवायद
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे हब में, जहाँ लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं, वहां उनके लिए किफायती आवास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक बड़ी चुनौती रही है। प्रस्तावित हॉस्टल योजना से न केवल श्रमिकों को सिर छिपाने की जगह मिलेगी, बल्कि वे अवैध झुग्गियों में रहने की मजबूरी से भी मुक्त हो सकेंगे। इसके साथ ही, आयुष्मान कार्ड के जरिए उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित कर सरकार उनकी सबसे बड़ी चिंता—स्वास्थ्य—को भी दूर करने का प्रयास कर रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन योजनाओं के लागू होने से न केवल श्रमिकों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि औद्योगिक उत्पादकता में भी वृद्धि होगी क्योंकि स्वस्थ और संतुष्ट श्रमिक राष्ट्र निर्माण में अधिक योगदान दे सकेंगे।




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