किसान के हाथ पर जख्म के अंदर मिला जिंदा कारतूस, डॉक्टर हैरान, पुलिस रह गई दंग
आगरा में एक किसान ने ऐसी साजिश रची कि डॉक्टर हैरान और पुलिस दंग रह गई। जानलेवा हमले का आरोप लगाने वाले किसान के जख्म के अंदर जिंदा कारतूस मिला।

Agra News: ताजनगरी आगरा के सदर क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस को हैरान और डॉक्टरों को दंग कर दिया। उखर्रा रोड पर जानलेवा हमले की सूचना पर पहुंची पुलिस गोली से जख्मी किसान को लेकर अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया तो जख्म में कुछ ऐसा देखा जो आज से पहले कभी नहीं सुना गया था। किसान के हाथ पर गहरा घाव था और उस घाव के अंदर एक जिंदा कारतूस धंसा हुआ था। यह दृश्य देखकर डॉक्टर हैरान रह गए और पुलिस की प्रारंभिक जांच ने पूरी कहानी ही पलट कर रख दी।
विरोधियों को फंसाने का 'खतरनाक' प्लान
जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई हमला नहीं था, बल्कि विरोधियों को उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए रची गई एक बेहद शातिर साजिश थी। शमसाबाद के गोपालपुरा निवासी किसान अशोक शर्मा का अपने सगे-संबंधियों से तीन बीघा जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। अशोक ने अपने बेटों के साथ मिलकर योजना बनाई कि क्यों न खुद को गोली लगने का नाटक कर विरोधियों को जेल भिजवा दिया जाए।
साजिश की पोल कैसे खुली?
अशोक शर्मा ने किसी धारदार हथियार (संभवतः चाकू या उस्तरे) से अपने हाथ पर गहरा चीरा लगाया। इसके बाद, उन्होंने उस घाव के अंदर एक जिंदा कारतूस ठूंस दिया। गोली जख्म में रखते समय किसान ने दो गलती कर दी। जब पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टरों ने देखा कि कारतूस का अगला सिरा बाहर की तरफ और पिछला हिस्सा मांस के अंदर धंसा हुआ था।
इंस्पेक्टर सदर विजय विक्रम सिंह ने बताया, "यहीं से हमें शक हुआ। अगर किसी को गोली मारी जाती है, तो शरीर के अंदर केवल 'बुलेट' (गोली का अगला हिस्सा) जाता है, जबकि कारतूस का खोखा बाहर गिर जाता है। लेकिन यहां तो पूरा का पूरा जिंदा कारतूस ही हाथ के अंदर मौजूद था। ऐसा केवल तभी संभव है जब उसे हाथ से अंदर रखा गया हो।" किसान को शायद यह भी नहीं मालूम था कि गोली का कौन सा अलगा हिस्सा है और कौन सा पिछला। इससे गोली को उल्टा रख दिया गया था।
अब किसान और उसके परिवार पर शिकंजा
अशोक के बेटे कृष्णकांत ने होतीलाल और उनके बेटों के खिलाफ जानलेवा हमले (धारा 307) का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अब सर्विलांस टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए लगा दिया है। आरोपियों की लोकेशन और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब उन लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई करने जा रही है जिन्होंने यह झूठी एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस का कहना है कि करीब चार साल पहले आरोपी पक्ष ने भी अशोक पर जानलेवा हमले का केस किया था, जिसका बदला लेने के लिए यह पूरा प्रपंच रचा गया। आगरा में इस तरह का यह दूसरा मामला है, इससे पहले जगदीशपुरा में भी एक शव के सीने में इसी तरह जिंदा कारतूस रखकर हत्या को आत्महत्या या हमले का रूप देने की कोशिश की गई थी।




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