Limited Window Until June 15 for Tourists Visiting UP Tiger Sightings Reported Pilibhit How Far It from Delhi यूपी आने वाले पर्यटकों के लिए 15 जून तक ही मौका, इस जिले में हो रहे बाघ के दीदार, दिल्ली से कितनी दूरी?, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी आने वाले पर्यटकों के लिए 15 जून तक ही मौका, इस जिले में हो रहे बाघ के दीदार, दिल्ली से कितनी दूरी?

भीषण गर्मी के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में इन दिनों एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जंगल के राजा बाघ अब जंगल के जलाशयों और तालाबों में जलक्रीड़ा करते नजर आ रहे हैं। बुधवार को बाघों का झुंड दिखाई दिया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा हैेर्।

Wed, 27 May 2026 07:32 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, पीलीभीत
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यूपी आने वाले पर्यटकों के लिए 15 जून तक ही मौका, इस जिले में हो रहे बाघ के दीदार, दिल्ली से कितनी दूरी?

Pilibhit Tiger Reserve: गर्मी की छुट्टियों में अगर आप भी वन्य जीव और प्रकृति का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छा मौका है। इसके लिए आपको यूपी के पीलीभीत टाइगर रिजर्व आना होगा। यहां वन्यजीवों की अठखेलियां और जंगल की हरियाली आपको रोमांच से भर देगी। इन दिनों टाइगर रिजर्व में जबरदस्त बाघ के दीदार हो रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण जंगल से जानवर पानी की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। पीलीभीत आने के बाद आप चूका बीच जाना नहीं भूलिएगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच और शारदा नदी के किनारे बसे इस बीच को यूपी का मिनी गोवा भी कहा जाता है। यह प्रदेश का एक मात्र ऐसा बीच है जहां प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण कस सुखद एहसास होता है। टाइगर रिजर्व के जंगलों में बाघ, हाथी, हिरण के झुंड भी दिखाई देते हैं। हालांकि प्रकृति के नजारे और वन्यजीवों के दीदार के लिए आपके पास केवल 15 जून तक का ही मौका है। इसके बाद पांच महीने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व बंद हो जाएगा। फिर सीधे नवंबर में खुलेगा। दरअसल 15 जून के बाद से मॉनसून आ जाता है। बारिश के चलते टाइगर रिजर्व को बंद कर दिया जाता है।

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गर्मी बढ़ते ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जलाशयों के आसपास दिखने लगे बाघ

भीषण गर्मी के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में इन दिनों एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जंगल के राजा बाघ अब जंगल के जलाशयों और तालाबों में जलक्रीड़ा करते नजर आ रहे हैं। पानी में अठखेलियां करते बाघों की तस्वीरें और गतिविधियां न सिर्फ वन विभाग के कैमरों में कैद हो रही हैं, बल्कि सफारी पर आने वाले सैलानियों के लिए भी यह खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

सैलानियों का कहना है कि पीटीआर में अक्सर बाघ जलाशयों के आसपास ही दिखाई देते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ वन्यजीवों की गतिविधियां पानी के स्रोतों के आसपास अधिक हो गई हैं। ऐसे में जंगल सफारी के दौरान पर्यटक भी अब उन इलाकों की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं, जहां जलाशय मौजूद हैं। कई सैलानियों ने बाघों को पानी में उतरकर आराम करते और खेलते हुए देखा, जिससे उनका रोमांच कई गुना बढ़ गया। पीटीआर प्रशासन ने जंगल में मौजूद करीब सौ जलाशयों और तालाबों के आसपास इंफ्रारेड (आईआर) कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिए बाघों और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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कैमरों में कैद हो रही जानवरों की तस्वीरें

कैमरों में बाघों की अलग-अलग तस्वीरें और वीडियो कैद हो रहे हैं, जिन्हें मुख्यालय स्थित मास्टर कंट्रोल रूम तक भेजा जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में जंगल में कई नए तालाब बनाए गए हैं, जबकि पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार भी कराया गया है। गर्मी के मौसम में यही जलाशय वन्यजीवों के लिए सबसे सुरक्षित और जरूरी स्थान बन गए हैं। यही वजह है कि बाघों की मौजूदगी इन स्थानों के आसपास अधिक देखी जा रही है। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि गर्मी में अमूमन बाघ पानी वाले या पेड़ों की छांव वाले स्थानों पर अधिक दिख रहे है। इनकी निगरानी भी कराई जा रही है। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय जानकारी सामने न आने पाए।

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बाघ का झुंड देखकर रोमांचित हुए सैलानी

रोमांचक सफर में जब सैलानियों को बाघ एक या दो नहीं बल्कि तीन-तीन या चार-चार दिख जाएं तो कहना ही क्या है। सर्वाधिक बाघों की साइटिंग वाले पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इन दिनों नजारे सैलानियों को रोजाना ही आकर्षित कर रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि तीन-तीन या कहीं कहीं तो चार-चार बाघ तक दिख रहा है। गर्मी में साइटिंग के आंकड़ें सैलानियों को उत्साहित कर रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों ही रेंज माला, महोफ, बराही, दियोरिया और हरिपुर रेंज में जल स्त्रोत वाले स्थानों से अलग बाघ पेड़ों की छांव में भी यहां वहां दिख रहे हैं। स्वछंद आवाजाही ने उत्साहित सैलानियों द्वारा इनकी वीडियो तक बनाई जा रही है। हैरानी इस बात कि है कि जंगल में सैलानी कोई निराश होकर नहीं लौट रहे। बुधवार को सुबह पहली पाली में सैलानियों का दल जब जंगल में गया तो उसे एक साथ तीन बाघ दिखे। एक जगह पर ग्रास लैंड से होकर निकल रहा चार बाघों का कुनबा भी देखा गया। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दिल्ली और लखनऊ से पीलीभीत कैसे पहुंचे

दिल्ली से पीलीभीत की दूरी करीब 310 और लखनऊ से करीब 250 किलोमीटर है। अगर आप दिल्ली से आ रहे हैं तो आप सड़क मार्ग के रास्ते से आप पांच से छह घंटे में पीलीभीत पहुंच सकते हैं। दिल्ली से पीलीभीत के लिए सीधे बसें भी मिलती हैं। इसके अलावा आप ट्रेन के रास्ते भी पीलीभीत पहुंच जाएंगे। हालांकि ट्रेन से आने वाले पर्यटकों को पहले बरेली आना होगा। यहां से आपको पीलीभीत के लिए ट्रेन और बसें मिल जाएंगी। अगर आप लखनऊ आ रहे हैं तो सड़क मार्ग से सीधे आप पीलीभीत पहुंच सकते हैं। लेकिन लखनऊ से ट्रेन से आने वाले पर्यटकों को भी पहले बरेली आना होगा। पीलीभीत पहुंचने के लिए डायरेक्ट हवाई मार्ग मौजूद नहीं। इसके लिए भी आपको बरेली एयरपोर्ट उतरना होगा। यहां से आपको दोबारा ट्रेन या बस के जरिए पीलीभीत पहुंच सकते हैं।

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