महानगरों की तरह यूपी के इस जिले में होगी सुरक्षा और निगरानी, जानें क्या करने जा रहा प्रशासन?
महानगरों की तरह यूपी के अमेठी जिले में सुरक्षा और निगरानी होगी। अब जिले की दुकानें, प्रमुख चौराहे और गोशालाएं तीसरी नजर यानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में प्रशासन एक अहम पहल करने जा रहा है। महानगरों की तरह अब जिले की दुकानें, प्रमुख चौराहे और गोशालाएं तीसरी नजर यानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना की जाएगी। अब तक यह व्यवस्था केवल महानगरों तक सीमित थी। लेकिन पहली बार जिले स्तर पर इसे लागू किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर चयनित एजेंसी द्वारा सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है और जल्द ही तकनीकी कार्य शुरू होने की संभावना है। योजना के तहत जहां पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां विशेष चिप लगाई जाएगी। इस चिप के माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना के होते ही कैमरे से एक ऑटोमैटिक अलर्ट मैसेज सीधे कंट्रोल रूम प्रभारी, संबंधित दुकानदार और नजदीकी थाने को भेज दिया जाएगा। इससे घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।गोशालाओं में लगाए जाने वाले कैमरे भी विशेष डिवाइस के जरिए सीधे कंट्रोल रूम से जोड़े जाएंगे। इससे गोशालाओं में होने वाली गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। पशुओं की सुरक्षा, चारा-पानी की व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर तुरंत नजर रखी जाएगी। इससे गोशालाओं के संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही जिले का ट्रैफिक कंट्रोल भी इसी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित किया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों के जरिए ट्रैफिक की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। जिससे जाम की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा सकेगी। विशेष रूप से त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों और जुलूसों के दौरान यह व्यवस्था बेहद प्रभावी साबित होगी।
संजय चौहान डीएम, अमेठी ने कहा कि इस सेंटर के संचालन में आने से जिले की कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और जनसुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। महानगरों की तर्ज पर शुरू होने वाली यह व्यवस्था जिले को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा होगी। कलेक्ट्रेट में बनाए जाने वाला यह सेंटर 24 घंटे काम करेगा। जल्द इस पर काम शुरू होगा।




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