Farmers Urged to Avoid Crop Residue Burning to Protect Environment and Health फसल जलाने की सेटेलाइट से हो रही निगरानी, लगेगा अर्थदंड, Kushinagar Hindi News - Hindustan
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फसल जलाने की सेटेलाइट से हो रही निगरानी, लगेगा अर्थदंड

Kushinagar News - पडरौना, निज संवाददाता। उप निदेशक कृषि अतिन्द्र सिंह जनपद के समस्त

Wed, 22 April 2026 01:55 AMNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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फसल जलाने की सेटेलाइट से हो रही निगरानी, लगेगा अर्थदंड

पडरौना, निज संवाददाता।उप निदेशक कृषि अतिन्द्र सिंह जनपद के समस्त किसानों से फसल अवशेष कदापि न जलाने की अपील की है। फसल अवशेष जलाने से एक ओर पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं मृदा की उर्वरता एवं मानव, पशु तथा जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके स्थान पर किसान फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग कर अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में परिवर्तित करें, जिससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षित रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से खेतों में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं तथा मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण प्रभावित होते हैं।

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मृदा में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीव एवं मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है। इससे उत्पन्न धुआं व हानिकारक गैसें वायु गुणवत्ता को खराब करती हैं। इससे आंखों में जलन, त्वचा रोग, श्वसन संबंधित समस्याएं तथा हृदय एवं फेफड़ों की बीमारियां उत्पन्न होती हैं। इससे पशुओं के चारे की उपलब्धता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसान फसल अवशेषों को निराश्रित गो आश्रय स्थलों में दान कर उनके चारे एवं बिछावन के रूप में उपयोग करने में सहयोग करें।उन्होंने कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, श्रब मास्टर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, श्रेडर, मल्चर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सेबल एमबी प्लाऊ, बेलिंग मशीन, क्रॉप रीपर, स्ट्रॉ रेक एवं रीपर कम बाइंडर जैसे यंत्रों का प्रयोग करें। जनपद में स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक से किसान इन यंत्रों को किराये पर लेकर आसानी से उपयोग कर सकते हैं।बताया कि उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा फसल अवशेष जलाना दण्डनीय घोषित किया गया है। सेटेलाइट के माध्यम से इसकी सतत निगरानी की जा रही है। फसल अवशेष जलाने की स्थिति में संबंधित खेत का विवरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 2 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500, 2 से 5 एकड़ तक 5000 तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 प्रति घटना अर्थदंड निर्धारित किया गया है। उन्होंने अपील किया कि फसल अवशेष न जलाकर उसका समुचित प्रबंधन करें। कम्पोस्ट खाद बनाएं, मृदा का कार्बन बढ़ाएं एवं सतत कृषि की दिशा में योगदान दें।

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