आगरा में कानपुर जैसा सेक्सटॉर्शन का खेल पकड़ाया, होटल बुलाकर हसीना बनाती थी न्यूड वीडियो
कानपुर के बाद आगरा में अमीर घरों के लड़कों को फंसाकर होटल बुलाने और वहां न्यूड वीडियो बनाकर वसूली करने वाला गैंग पकड़ाया है। मिस्ड कॉल से फंसाकर हसीना न्यूड वीडियो बनाती थी। 12 लाख वसूलने के बाद पहुंची शिकायत पर पुलिस ने गैंग को पकड़ा है।

कानपुर में अखिलेश दुबे के सेक्सारटार्शन जैसा खेल अब आगरा में भी खुला है। मिस्ड कॉल देकर अमीरों को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लेकमेल कर लाखों रुपये वसूलने वाले गैंग का आगरा की कमला नगर पुलिस ने खुलासा किया है। युवती अमीर घरों के लड़कों को फंसाकर होटल बुलाती और न्यूड फोटो, वीडियो बना कर ब्लैकमेल किया जाता। खूब वसूली होती थी। मुगल रोड दयालबाग में लंबे समय से सक्रिय यह गैंग की सरगना युवती को पुलिस ने दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है₹।
गैंग की सरगना महिला मिस्ड कॉल देकर लोगों से दोस्ती करती थी। कुछ दिन बातचीत का सिलसिला चलने के बाद शातिर हसीना तथाकथित दोस्त को मिलने के लिए होटल में बुलाती थी। वहां महिला और उसके गैंग के सदस्य थर्ड आई ऐप से व्यक्ति के अश्लील वीडियो और फोटो बना लेते थे। इसके बाद शुरू होता था वसूली का खेल। हनी ट्रैप गैंग के सदस्य पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित को डराते थे। धमकाते थे। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देते थे। डरे सहमे लोग महिला की रुपयों की मांग पूरी कर समझौता कर लेते थे। पेन ड्राइव में मिले साक्ष्यों के आधार पर गैंग ने तीन व्यक्तियों से 12 लाख रुपये की रकम वसूली है। प्रत्येक पीड़ित से चार लाख वसूले गए।
दयालबाग के मुगल रोड पर लंबे समय से हनीट्रैप गैंग सक्रिय था। कमला नगर पुलिस ने मंगलवार को गैंग भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह की सरगना महिला और उसके सहयोगी गणेश को मुगल रोड दयालबाग से गिरफ्तार कर लिया। गैंग के तीन सदस्य रियाज, प्रवींद्र और प्रवेश फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने बताया गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव मिली है। पेन ड्राइव में तीन पीड़ितों के अश्लील वीडियो, चैट्स और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं।

जांच में सामने आया कि गिरोह में सबसे अहम भूमिका गैंग की लीडर महिला निभाती थी। वह सोशल मीडिया या कॉल के माध्यम से किसी अमीर व्यक्ति से दोस्ती करती थी। कुछ दिन बातों का सिलसिला चलने के बाद उस व्यक्ति को मिलने के लिए होटल बुलाती थी। मुलाकात के दौरान मौका पाकर फोन में इंस्टाल थर्ड आई ऐप के जरिए उस व्यक्ति के अश्लील फोटो और वीडियो बना लेती थी। इसके बाद गिरोह का सदस्य रियाज खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित को कॉल कर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता था। भारी रकम की मांग करता था।
मुकदमे में जेल भिजवाने की देते थे धमकी
पुलिस की पूछताछ में गिरोह की मास्टरमाइंड महिला ने बताया कि वह पहले लोगों की पहचान कर उनका नंबर हासिल करती थी। फिर व्यक्ति को एक मिस कॉल देती थी। कॉल आने पर बातचीत कर उससे दोस्ती कर लेती थी। फिर हुस्न के जाल में फंसा कर होटल में मिलने बुलाती थी। वहां उस व्यक्ति का अश्लील वीडियो बना लिया जाता था। उसके बाद मुकदमे का डर दिखाकर मनमानी रकम वसूली जाती थी।
ब्लैकमेल कर तीन व्यक्तियों से चार-चार लाख वसूले
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग ने अब तक कम से कम तीन व्यक्तियों से 4 से 12 लाख रुपये तक की रकम वसूली है। पेन ड्राइव से जिन लोगों की आपत्तिजनक क्लिप मिली हैं, पुलिस ने उनसे संपर्क किया। उन सभी ने कानूनी कार्रवाई के भय से पैसे देकर मामला सेटल किया है।
ऐसे खुला सेक्सटॉर्शन का खेल
डीसीपी सिटी ने बताया कि गिरोह की मास्टरमाइंड महिला कुछ दिन पूर्व खुद को पीड़ित बताकर उनसे शिकायत करने पहुंची थी। उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच में महिला द्वारा सौंपे गए सबूत संदिग्ध मिले। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे वैसे सेक्सटॉर्शन का खेल उजागर हो गया।




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