कानपुर पुलिस-ITBP का मामला दिल्ली पहुंचा, बड़ी संख्या में जवानों के कमिश्नरेट आने की DG से शिकायत
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस ऑफिस में जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया था ताकि सीएमओ स्तर से विस्तृत जांच कराई जा सके। ITBP अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आ गए थे।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को इलाज में देरी के चलते आईटीबीपी (ITBP) जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी का हाथ काटने का मामला सामने आया था। इस मामले में सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित रिपोर्ट के आधार पर दो प्राइवेट अस्पतालों के खिलाऊ केस दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शनिवार को बड़ी संख्या में आईटीबीपी जवानों के पुलिस कमिश्नरेट पहु्ंचने के बारे में भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने इस संबंध में यूपी के पुलिस महानिदेशक और आईटीबीपी के डीजी को रिपोर्ट भेजी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी प्रकार का कोई मतभेद या टकराव नहीं था।
आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस ऑफिस में जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया था ताकि सीएमओ स्तर से विस्तृत जांच कराई जा सके। आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आ गए थे। पुलिस ऑफिस के बाहर जिस तरह फोर्स खड़ी की गई थी उससे मीडिया में गलत संदेश प्रसारित हुआ। इसके बाद कमांडेंट को अपने साथ लाई गई फोर्स को तत्काल वापस करने को कहा गया। पुलिस कमिश्रनर ने बताया कि उन्होंने आईटीबीपी मुख्यालय और उनके महानिदेशक को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत कराया है ताकि संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बता दें कि शनिवार के घटनाक्रम के बाद ऐसे तमाम वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें पुलिस कमिश्नरेट में दर्जनों सशस्त्र आईटीबीपी जवान गाड़ियों के काफिले संग पहुंचते और अंदर परिसर में मुस्तैद खड़े दिख रहे थे। सोशल मीडिया पर इसे पुलिस कमिश्नरेट के ‘घेराव’ की तरह प्रचारित किया गया था। पुलिस कमिश्नर की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के साथ कुछ सीसी टीवी फुटेज और वीडियो भी भेजे गए हैं, जिनमें साफ है कि कमिश्नरेट पहुंचे जवानों की संख्या दर्जनों में थी। प्रावधानों के मुताबिक सामान्य स्थिति में इतनी बड़ी संख्या में सशस्त्र जवानों का पहुंचना असामान्य था। इसका अच्छा संदेश नहीं गया। बता दें कि गलत इलाज के कारण आईटीबीपी जवान विकास की मां निर्मला का हाथ कटने का आरोप लगा है। इसकी निष्पक्ष जांच के बारे में बात करने के लिए आईटीबीपी अफसर जवानों संग कमिश्नरेट पहुंचे थे। सूत्रों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद आईटीबीपी की महाराजपुर स्थित बटालियन के अधिकारियों से इस बारे में जवाब भी मांगा गया है।
क्या बोले पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डीजीपी और डीजी आईटीबीपी को रिपोर्ट भेजी गई है। आईटीबीपी जवानों की ज्यादा संख्या और उनकी परिसर में मौजूदगी का तरीका ठीक नहीं था। इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है।




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