It will be easier to lodge complaints of cyber crime, UP DGP inaugurated a new call center साइबर क्राइम की शिकायतें करने में और आसानी होगी, यूपी DGP ने किया नए कॉल सेंटर का उद्घाटन, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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साइबर क्राइम की शिकायतें करने में और आसानी होगी, यूपी DGP ने किया नए कॉल सेंटर का उद्घाटन

यूपी में साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज कराने मेंआसानी होगी। नया कॉल सेंटर खुला है। लखनऊ में नेशनल क्राइम हेल्पलाइन नम्बर-1930 का नया कार्यालय बुधवार को शुरू हो गया।

Thu, 31 July 2025 08:16 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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साइबर क्राइम की शिकायतें करने में और आसानी होगी, यूपी DGP ने किया नए कॉल सेंटर का उद्घाटन

यूपी में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए लखनऊ में नेशनल क्राइम हेल्पलाइन नम्बर-1930 का नया कार्यालय बुधवार को शुरू हो गया। लखनऊ के कल्ली पश्चिम स्थित डीसीपी दक्षिणी आफिस में यह कॉल सेन्टर खोला गया है। इस कॉल सेन्टर में अब 20 से बढ़कर 50 लाइनें कर दी गई है। इससे अब पीड़ितों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी। अभी कई बार इन कॉल सेन्टर पर फोन लाइन बिजी रहती थी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बुधवार को इस कॉल सेन्टर का उदघाटन किया।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि साइबर क्राइम इस समय सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने है। इस पर रोक लगाने के लिए यह नया कॉल सेंटर खोला गया है। इसमें 30 सीट बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की रकम को 1930 पर कॉल कर तुरन्त फ्रीज कराया जा सकता है।

24 घंटे में आई 6700 कॉल

डीजीपी ने बताया कि इस नए कॉल सेन्टर में पीड़ितों को काफी मदद मिलेगी। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि 24 घंटे में 6700 कॉल आ चुकी है।

सब इंस्पेक्टर भी कर सकेंगे विवेचना

डीजीपी ने बताया कि साइबर क्राइम की विवेचना का अधिकार इंस्पेक्टर व इससे वरिष्ठ अफसरों को है। अब सब इंस्पेक्टर को भी विवेचना का अधिकार दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

पांच लाख की सीमा भी खत्म

अभी तक जिलों में खुले साइबर थानों में पांच लाख से अधिक की रकम गंवाने वाले पीड़ितों की ही सुनवाई होती थी। इससे कम रकम पर संबंधित पुलिस थाने में पीड़त को जाना होता था। अब पांच लाख रुपये की सीमा खत्म कर दी गई है।

15 पुलिसकर्मी बनाए गए साइबर कमाण्डो

डीजीपी ने बताया कि हर जोन मुख्यालय पर साइबर कमाण्डो की तैनाती की जाएगी। 15 पुलिस कर्मी प्रशिक्षित होकर साइबर कमाण्डो बना दिए गए है। इन कमाण्डो को छह महीने का प्रशिक्षण दिया गया है।

साइबर फ्रॉड मिटीगेशन सेंटर शुरू होगा

डीजीपी ने बताया कि जल्दी ही बैंकों के सहयोग से साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेन्टर शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें एक ही छत के नीचे पुलिस, बैंक व टेलीकॉम के कर्मचारी एक साथ मौजूद रहेंगे। इससे पीड़ित को त्वरित सहायता दिलाई जा सकेगी।

यह बदलाव भी होंगे

-पीड़ितों को धनराशि बिना एफआईआर लौटाने के प्रयास किए जा रहे। सिर्फ प्रार्थना पत्र लेकर भी पीड़ितों की हड़पी गई रकम लौटाई जा सके।

-हर जिले में एएसपी अथवा डीसीपी स्तर के अधिकारी को साइबर अपराध के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

-एक त्रिस्तरीय साइबर जांच एवं डिजिटल सहायता प्रयोगशाला पुलिस मुख्यालय, रेंज और कमिश्नरेट व जिला स्तर पर बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

-हर स्तर के पुलिस अधिकारियों को ऑनलाइन नेशनल साइबर क्राइम ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग कराई जाएगी।

-हर महीने पहले बुधवार को साइबर जागरुकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। अब इस दिवस पर विभिन्न संगठनों के जरिए जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि साइबर अपराधियों के चंगुल में लोग फंसने से बचे।

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यह होगी नई व्यवस्था

-साइबर थाने के हर विवेचक को एक साल में 20 विवेचनाओं का निस्तारण करना होगा।

-संगठित गैंग की संलिप्तता सामने आने पर विवेचना साइबर थाने से करायी जाए।

-हर महीने साइबर क्राइम थाने के विवेचकों के काम की प्रगति डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी देखेंगे।

-साइबर क्राइम थानों की विवेचना का स्थानान्तरण उसी तरह होगा, जैसे अन्य थानों की विवेचना में होता है।

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