प्रयागराज में फिर एक्टिव आईएस 227; इरफान मर्डर से जुड़े गैंग के तार, अतीक का बेटा संभाल रहा कमान
प्रयागराज में IS-227 गैंग की सक्रियता ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल की घटनाएं बताती हैं कि संगठित जमीन माफिया का नेटवर्क अब भी बेखौफ होकर काम कर रहा है। इरफान मर्डर केस से गैंग के तार जुड़े हैं। गैंग में अभी भी 120 से ज्यादा मेंबर हैं। अतीक का बेटा अली गैंग की कमान संभाल रहा है।

प्रयागराज में भूमाफिया के खिलाफ सख्ती के सरकारी दावों के बीच आईएस-227 गैंग की सक्रियता ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया घटनाएं बताती हैं कि संगठित जमीन माफिया का नेटवर्क अब भी बेखौफ होकर काम कर रहा है। करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में बुधवार शाम प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की सरेआम गोली मारकर हत्या इस गिरोह की दबंगई का ताजा उदाहरण है। शाम करीब साढ़े छह बजे चाय की दुकान पर बैठे इरफान की दो बाइक से पहुंचे चार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के तरीके से साफ है कि इसमें पेशेवर शूटर शामिल रहे।
प्रयागराज में एक्टिव हुआ आईएस-227
यह घटना अकेली नहीं है। हाल ही में करेली इलाके में ही एक जमीन कारोबारी का पीछा कर उसे कार में रोककर पीटा गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों पर केस दर्ज किया, जिनमें माफिया से जुड़े लोगों के नाम सामने आए। इससे पहले नवंबर 2025 में सिविल लाइंस क्षेत्र में बिल्डर डॉ. जीशानुल हक पर हमला कर उनका अपहरण करने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि आईएस-227 गैंग से जुड़े लोगों ने रंगदारी न देने पर उन्हें निशाना बनाया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
आईएस-227 गैंग में 120 सदस्य
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आईएस-227 गैंग में अभी भी 120 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं। पिछले साल अतीक के बेटे अली को पुलिस ने गैंग का लीडर घोषित किया था। वही गैंग की कमान संभाल रहा है। शहर में जमीन माफिया का नेटवर्क अब भी मजबूत है। उसे खत्म करने के लिए ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
एटीएस की जमीन पर भी अवैध कब्जा
पिछले साल बम्हरौली में एटीएस और चुनाव कार्यालय के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया था। कार्रवाई के बावजूद कई आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। सात विभागों की गठित एसआईटी ने गैंग के आर्थिक अपराध व जमीन पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट दी थी।
इरफान मर्डर केस में 2 आरोपी गिरफ्तार
वहीं प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की सरेशाम गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक बाइक भी बरामद किया है। जबकि, नामजद आरोपी आसिफ दुर्रानी, उसके भाई राशिद समेत भाड़े के शूटर तीसरे दिन भी फरार है। पुलिस की गठित पांच टीमें आरोपियों की तलाश में प्रयागराज समेत प्रतापगढ़, कौशाम्बी और आसपास के अन्य जिलों की पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने ऐनुद्दीनपुर निवासी मोहम्मद हुसैन उर्फ प्लंबर और करेली निवासी मोहम्मद वसीम उर्फ कबूतर को रेलवे डॉट पुल बक्शी मोढ़ा के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी आसिफ दुर्रानी और उसके भाई राशिद दुर्रानी से मित्रता है। आसिफ दुर्रानी का मोहम्मद इरफान से जमीन संबंधित विवाद था।
मो. हुसैन ने मुखबिरी की थी
पुलिस के मुताबिक, आसिफ दुर्रानी के कहने पर मोहम्मद हुसैन उर्फ प्लंबर ने मुखबिरी की थी कि मोहम्मद इरफान चाय की दुकान पर मौजूद है। उसकी मुखबिरी पर मोहम्मद इरफान की गोली मारकर हत्या की गई थी। पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वसीम उर्फ कबूतर वारदात के समय घटनास्थल से थोड़ी दूर पर आसिफ दुर्रानी के साथ खड़ा था।
शूटरों द्वारा वारदात को अंजाम देने के बाद वह भी आसिफ के साथ बाइक पर बैठकर भाग गया था। पुलिस की जांच में हत्याकांड में आसिफ दुर्रानी, उसका भाई राशिद दुर्रानी के अलावा मोहम्मद हुसैन उर्फ प्लंबर, मोहम्मद वसीम उर्फ कबूतर, दिलशाद उर्फ साफान के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, गोली मारने वाले भाड़े के शूटरों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।
साझेदारी के बाद विवाद बना काल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की वजह जमीन का विवाद था। बताया गया कि इरफान और आसिफ दुर्रानी पहले जमीन के कारोबार में साझेदार थे। लेकिन, किसी जमीन को लेकर दोनों में विवाद हो गया, जो रंजिश में बदल गया।




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