इकरा हसन हिरासत में: जसाला हत्याकांड पर सियासत गरमाई; DIG से मिलने पहुंची थीं सांसद
शामली के जसाला गांव में कश्यप समाज के युवक की हत्या को लेकर सियासत गरमा गई है। मंगलवार को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डीआईजी से मिलने जाते समय सांसद इकरा हसन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इकरा हसन ने मृतक की बुजुर्ग मां के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।

UP News : उत्तर प्रदेश के शामली जिले के जसाला गांव में मोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर मंगलवार को सहारनपुर में बड़ा राजनीतिक विवाद हो गया। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंचीं, यहां विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर महिला थाने ले जाकर बैठा दिया। करीब दस मिनट बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सांसद को महिला थाने में बैठाने की सूचना पर देर शाम सपाइयों की भीड़ जुट गई पुलिस ने जाम लगाने और शांति भंग के आरोप में पूर्व मत्री समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। कार्यकर्ताओं के हिरासत में लेने की सूचना पर सांसद थाना सदर बाजार पहुंचकर धरने पर बैठ गईं, इसी बीच पुलिस ने सभी छह लोगों को जेल भेज दिया। देर रात करीब चार घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट के सुबह कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
मंगलवार दोपहर सांसद इकरा हसन जसाला गांव की बुजुर्ग महिला के साथ सहारनपुर रेंज कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने डीआईजी अभिषेक सिंह से मोनू कश्यप हत्याकांड में निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सांसद का आरोप है कि डीआईजी ने मृतक की बुजुर्ग मां की बात सुनने से मना कर दिया और मीटिंग का हवाला देकर उठ गए। इस दौरान पीड़ित मां भावुक हो गईं और कार्यालय से बाहर आ गईं। इकरा हसन का कहना है कि वह पीड़ित परिवार के साथ पार्किंग में खड़ी होकर दोबारा प्रार्थनापत्र तैयार कराने की बात कर रही थीं, तभी भारी पुलिस बल बुला लिया गया। पुलिस ने ट्रैफिक बाधित करने का हवाला देते हुए सांसद को हिरासत में लेकर महिला थाने पहुंचा दिया।
महिला इंस्पेक्टर से बोली इकरा- हाथ मत लगाना
डीआईजी कार्यालय से महिला थाने लाने पर सांसद इकरा हसन की महिला इंस्पेक्टर से तीखी बहस भी हुई। इंस्पेक्टर ने हाथ लगाकर उन्हें अंदर चलने को कहा इस पर इकरा हसन ने कहा कि हाथ मत लगाइए। इकरा ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। करीब दस मिनट तक थाने में बैठाने के बाद सांसद को छोड़ दिया गया। थाने के अंदर भी सांसद और महिला इंस्पेक्टर के बीच तीखी बहस हुई। सांसद को हिरासत में लेने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता महिला थाने और सदर बाजार थाने पर जुटने लगे।
पूर्व राज्यमंत्री समेत छह को उठाने पर थाने में धरने पर बैठी सांसद
महिला थाने से सांसद के जाने के बाद सपाई भड़क गए इस पर देर शाम पुलिस ने जाम और शांति भंग के आरोप में पूर्व दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप समेत छह सपाइयों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई से नाराज सांसद इकरा हसन शाम में सदर बाजार थाने पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। उन्होंने एसपी सिटी और अन्य अधिकारियों से तीखी बहस करते हुए कहा कि मेरा कोई कार्यकर्ता जेल जाएगा तो मैं भी जेल जाऊंगी। परिसर में देर रात तक हंगामा और नारेबाजी का माहौल बना रहा। देर शाम पुलिस छह लोगों को जेल भेज दिया। सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उन्हें डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर गरीब का दर्द मेरा दर्द है और मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहूंगी। देर रात सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंच कर गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री और कार्यकर्ताओं को बुधवार सुबह जेल से रिहा कराने का अश्वासन दिया, इसके बाद सांसद ने धरना खत्म कर दिया।
अखिलेश की तीखी टिप्पणी, बोले- यही कलयुग
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को हिरासत में लिए जाने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जब इंसाफ की आवाज उठाने पर किसी को हिरासत में लिया जाए, वही समय कलयुग है। उन्होंने लिखा कि सपा सांसद का गुनाह क्या केवल इतना है कि वह उस मां की मदद कर रही थीं, जिसने अपना बेटा खोया है और भाजपा राज में न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को संवेदनहीन और निर्मम बताते हुए लिखा कि भाजपा के समर्थक भी इस जुल्म और ज्यादती की निंदा करेंगे। उन्होंने लिखा कि पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।
क्या बोले डीआईजी
सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि माननीय सांसद और शिकायतकर्ता महिला की बात को बहुत ध्यानपूर्वक सुना गया। उनको पूरी विधिक प्रक्रिया से अवगत कराया गया। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए पहले भी विवेचना एक बार जनपद शामली में स्थानांतरण की जा चुकी है।
एसपी सिटी की बात
वहीं सहारनपुर के एसपी सिटी व्योम बिंदल ने कहा कि डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद यातायात सुचारू कराने के लिए कार्रवाई की गई। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हुआ क्या है शामली में?
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के पंजोखर स्थित श्मशान घाट के पास 23 अप्रैल की सुबह एक युवक के कटे हुआ पैर और बेहोश हालत में मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने उसे मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक की पहचान जसाला के रहने वाले राजवीर सिंह के 25 वर्षीय बेटे मोनू कुमार कश्यप के रूप में हुई थी। परिवारीजन हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर रंजिश के चलते षडयंत्र के तहत हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया है। मोनू कश्यप की मौत के बाद इस मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है।
जिले में आंदोलन के साथ ही कश्यप समाज के लोग सोशल मीडिया पर भी इस घटना की निंदा कर रहे हैं। 27 अप्रैल को लोगों ने इस मुद्दे पर शामली एसपी के दफ्तर पर भी प्रदर्शन किया था। मंगलवार को सांसद इकरा हसन इसी मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सहारनपुर रेंज के डीआईजी ऑफिस पहुंची थीं, जहां हंगामे के बीच उन्हें पुलिस ने थोड़ी देर के लिए हिरासत में ले लिया। इकरा हसन ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।




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