6 कारोबारियों के 20 से अधिक ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी, 500 करोड़ की मिली गड़बड़ी
गोरखपुर मंडल के छह बड़े कारोबारियों के 20 से अधिक ठिकानों पर पांच दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन शनिवार को खत्म हो गया। 12 टीमों को 500 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी और अनियमितता के साक्ष्य मिलने की जानकारी मिल रही है।

गोरखपुर मंडल के छह बड़े कारोबारियों के 20 से अधिक ठिकानों पर पांच दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन शनिवार की शाम चार बजे खत्म हो गया। जांच कर रही 12 टीमों को 500 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी और अनियमितता के साक्ष्य मिलने की जानकारी मिल रही है। इस दौरान टीम ने दो करोड़ से अधिक की नकदी और करोड़ों कीमत के जेवरात को जब्त किया गया है। आयकर की टीमें 12 बक्सों में भरकर दस्तावेजों को केंद्रीय टीम को सौंप दिया है। सोमवार को दस्तावेजों और साक्ष्यों के मिलान का काम शुरू हो सकता है। हालांकि सर्च पूरी होने के बाद भी आयकर विभाग के जिम्मेदारों की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
आयकर के वरिष्ठ इन्वेस्टिगेशन अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न जिलों के 220 अधिकारियों की मौजूदगी में 12 टीमें पिछले मंगलवार से ही टैक्स चोरी से जुड़े मामलों को लेकर सर्च कर रही थीं। टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितता को लेकर तीन महीने की रेकी के बाद हुई छापेमारी में टीमों को बड़ी सफलता मिली है। टीमों ने पांच दिनों के अंदर ऑटोमोबाइल, शराब, टैंकर, खाद्य तेल के साथ ही रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज से टीमें शुक्रवार को ही गोरखपुर लौट आई थीं। शनिवार को अंतिम टीम भी शाम चार बजे तक लौट आई।
बताया जा रहा है कि अंतिम टीम बरगदवा स्थित एक फैक्ट्री से कागजात को लेकर लौटी है। मंगलवार को टीमें एक साथ गोरखपुर में मेडिकल रोड स्थित ऑटो मोबाइल शोरूम, गोलघर में एक कार्यालय, आवास, स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित कारोबारी के आवास, बरगदवा और गीडा क्षेत्र के एक-एक फैक्ट्री में दस्तावेजों की जांच की। इसी क्रम में टीमें सूबा बाजार में शराब के गोदाम पर भी जांच की।
रियल एस्टेट, शराब और तेल से जुड़े हैं सभी मामले
आयकर विभाग की जांच अब रियल एस्टेट, शराब और खाद्य तेल से जुड़े मामलों को लेकर केन्द्रित हो चुकी है। सर्वाधिक गड़बड़ियां रियल एस्टेट कारोबार में मिलने की बात की जा रही है। जिन कारोबारियों के ठिकानों पर छापे पड़े हैं, उनका कारोबार भले कुछ हो पर उन्होंने बड़ा निवेश रियल एस्टेट में कर रहा है। माना जा रहा है कि जांच की जद में गोरखपुर और आसपास के जिलों के बड़े बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर आ सकते हैं। पांच दिन की जांच में टीम को पुख्ता सबूत और साक्ष्य मिले हैं। खाद्य का कारोबार नेपाल तक होता मिला है। आयकर विभाग ने मंडल के छह कारोबारियों और उनके सहयोगियों के लेनदेन और कारोबार को लेकर जो इनपुट तीन महीने की मेहनत से जुटाए थे, उस आधार पर कार्रवाई की गई है।
12 बक्सों में दस्तावेज, जेवरात और नकदी जमा हुई
सर्च ऑपरेशन में जुटी अलग-अलग 12 टीमों ने दस्तावेजों को एक बक्से में रखा है। इन 12 बक्शों में नकदी, जेवरात के साथ कारोबार से जुड़ी अहम फाइलों को रखा गया है। टीम ने बकायदा कारोबारियों से इन दस्तावेजों की रिसीविंग ली है। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, आजमगढ़ समेत दर्जन भी जिलों से पहुंचे अधिकारी अपने-अपने जिलों को लौट गए हैं। अब केन्द्रीय टीम दस्तावेजों का मिलान करेगी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कारोबारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।




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