ग्राम विकास अधिकारी से रिश्वत लेते प्रभारी DPRO गिरफ्तार, अपने साथ ले गई विजिलेंस टीम
उत्तर प्रदेश में ग्राम विकास अधिकारी से रिश्वत लेते प्रभारी DPRO गिरफ्तार कर लिए गए है। र्रवाई से विकास भवन परिसर में हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम प्रभारी डीपीआरओ को अपने साथ ले गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान बरेली की टीम ने कार्रवाई करते हुए एडीपीआरओ/प्रभारी डीपीआरओ रिजवान अहमद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई से विकास भवन परिसर में हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम प्रभारी डीपीआरओ को अपने साथ ले गई।
जानकारी के मुताबिक प्रभारी डीपीआरओ रिजवान अहमद शिकायतकर्ता ब्लाक कोतवाली देहात में तैनात एक ग्राम विकास अधिकारी से उसके पास पूर्व में रही ग्राम पंचायतों में कराए गए छह विकास कार्यों की अनियमितताओं की जांच के निस्तारण के लिए पहले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर रकम घटाकर 20 हजार रुपये तय की गई।
योजना के तहत जाल बिछाकर पकड़ा
शिकायतकर्ता ग्राम विकास अधिकारी ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान बरेली सेक्टर से लिखित शिकायत की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने पूर्व योजना के तहत जाल बिछाया। बुधवार को करीब डेढ़ बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने कार्यालय में पहुंचकर 20 हजार रुपये दिए, उसी दौरान पहले से मुस्तैद करीब आठ सदस्य विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर रिजवान अहमद को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। विजिलेंस टीम प्रभारी डीपीआरओ को अपने साथ ले गई। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
करीब तीन घंटे से अधिक चली कार्रवाई
विजिलेंस टीम ने करीब डेढ़ बजे डीपीआरओ कार्यालय में छापामार कर प्रभारी डीपीआरओ को पकड़ लिया था। विजिलेंस टीम तीन घंटे से अधिक कार्यालय में रूकी रही और डीपीआरओ से पूछताछ करती रही। करीब पौने पांच बजे विजिलेंस टीम प्रभारी डीपीआरओ को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गई। इस दौरान विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने मीडिया को कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।




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