अगर पत्नी जग रही होती तो उसे भी मार डालता; जुड़वा बेटियों के हत्यारे बाप का कबूलनामा
पूछताछ में शशिरंजन ने कहा कि अगर पत्नी जग रही होती तो उसे भी मार देता। रेशमा ने बताया कि शशिरंजन की मां गीता मिश्रा का 6 फरवरी 2024 को बीमारी से निधन हो गया था, इसके बाद से वह अक्सर बहकी हुई बातें करता था। कहता था कि मैं भी मां के पास जाऊंगा, बेटियों को भी साथ ले जाऊंगा।

कानपुर के किदवईनगर के ब्लॉक के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रविवार तड़के दवा कारोबारी ने 11 वर्षीया मासूम जुड़वा बेटियों रिद्धि-सिद्धि का गला दबाया फिर गले पर चापड़ रखकर हथौड़ा चला दिया। दोनों की एक-एक करके इसी तरह हत्या कर दी। यूपी-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी कि उसने बेटियों की हत्या कर दी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने 12 साल पहले लव मैरिज की थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो बेटियों के शव जमीन पर बिछे बिस्तरों पर पड़े थे। घटना के वक्त बेटियों की मां अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में दरवाजा बंद कर सो रही थी।
बेटियों का ख्याल नहीं करती थी पत्नी- आरोपी
पुलिस ने दरवाजा खुलवा कर मां को जानकारी दी तो उसकी चीख निकल गई। मौके पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी योगेश कुमार पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा करते हुए आला कत्ल बरामद किया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। पूछताछ में आरोपित ने कहा कि अपनी मौत के बाद बेटियों की कुशलता की उसे चिंता थी। पत्नी बेटियों का ख्याल नहीं रखती थी इसलिए बेटियों को मार डाला। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपित नशे का लती है। इसके अलावा वह मानसिक रूप से भी बीमार था, कई तरह की दवाइयों का सेवन करता था।
पत्नी जग रही होती तो उसे भी मार डालता- आरोपी पति
नशे के लती शशिरंजन दिनो दिन उग्र होता जा रहा था। रेशमा को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। शशि उसे अपने कमरे में भी नहीं आने देता था, इस पर वह बेटे को लेकर अलग कमरे में सोती थी। इस दौरान दरवाजा अंदर से बंद रहता था। पूछताछ में शशिरंजन ने कहा कि अगर पत्नी जग रही होती तो उसे भी मार देता। रेशमा ने बताया कि शशिरंजन की मां गीता मिश्रा का 6 फरवरी 2024 को बीमारी से निधन हो गया था, इसके बाद से वह अक्सर बहकी हुई बातें करता था। कहता था कि मैं भी मां के पास जाऊंगा, बेटियों को भी साथ ले जाऊंगा। इसके बाद से वह लगातार निगरानी करती रहती थी।
पुलिस ने आरोपी से किए कई सवाल
पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर कई सवाल किए। हत्या क्यों की इसपर पहले उसने कहा कि उसकी मौत तय हैं, इसके बाद बेटियों की देखभाल कौन करेगा, इसी लिए उन्हें मार दिया। फिर कहा कि उसका कई लोगों ने रुपये ले रखा है, इसी के चलते तनाव में मार डाला। पुलिस ने पूछा कि क्या पत्नी के चरित्र पर शक था, तो उसने नहीं में जवाब दिया।
पहले बिहार के गया में रहता था परिवार
मूलरूप से वाराणसी के पहाड़िया इलाके का निवासी शशिरंजन मिश्रा का परिवार बिहार के गया जिले में रहा करता था। उसके पिता शेखर मिश्रा वहां पीएचई डिपार्टमेंट में कार्यरत थे। वहां से करीब आठ वर्षों पहले शशिरंजन यहां आया था। यहीं उसने प्रेम विवाह किया। वह त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में ग्राउंड फ्लोर पर विवेक गुप्ता के फ्लैट में पत्नी रेशमा छेत्री, 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि और छह साल के बेटे रुद्र उर्फ गुन्नू के साथ रह रहा था।
पुलिस को बताया बेटियों को मार डाला
वह पहले एमआर था मगर बाद में दवा सप्लायर बन गया था। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि पिता ने दो बच्चियों की हत्या कर दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्चियों के शव जमीन पर पड़े थे। सामने शशिरंजन खड़ा था, उसने बताया कि इन बेटियों की हत्या उसने की है।




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