चलती ट्रेन में मिला नोटों का जखीरा, बलिया-छपरा एक्सप्रेस से रुपयों से भरे बैग संग युवक गिरफ्तार
यूपी के बलिया में जीआरपी ने चलती ट्रेन में नोटों से भरे बैग के साथ एक युवक को पकड़ा है। ट्रेन की स्लीपर कोच में यह युवक सवार था। नोटों को गाजीपुर से छपरा पहुंचाने की बात कही जा रही है। आयकर की टीम जांच में जुटी है।

यूपी के बलिया में जीआरपी ने छपरा एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास से नोटों से भरा बैग बरामद किया है। बरामद धनराशि के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर जीआरपी ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद वाराणसी से पहुंची आयकर विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है। बैग में 36.25 लाख रुपये थे। बताया जाता है कि गाजीपुर से छपरा इन नोटों को पहुंचाना था।
नियमित चेकिंग के दौरान मिली सफलता
जीआरपी प्रभारी राजकपूर सिंह ने बताया कि थाने के सिपाही संदीप कुमार और रामजन्म राजभर गोमती नगर से छपरा जा रही ट्रेन संख्या 15054 बलिया छपरा एक्सप्रेस में नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसकी तलाशी ली गई। उसके पास मौजूद बैग की पुलिस ने तलाशी ली तो चौंक गई। पूरा बैग नोटों से भरा था।
युवक से नोटों के बारे में पूछा गया और ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया गया। नोटों से भरे बैग के साथ युवक को जीआरपी थाने लाया गया। गिनती की गई तो बैग में 36.25 लाख रुपये थे। यहां पूछताछ में भी वह नोटों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सका और न ही कोई कागज दिखा सका। पूछताछ में उसकी पहचान गाजीपुर जनपद के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रजदेपुर पुलिस चौकी अंतर्गत नवाब साहब का फाटक निवासी संचित अग्रवाल पुत्र संतोष अग्रवाल के रूप में हुई।
युवक ने यह जरूर बताया कि वह गाजीपुर में आभूषण की दुकान संचालित करता है और उस धनराशि को छपरा कचहरी स्टेशन के समीप स्थित अमन जायसवाल की आभूषण दुकान पर देने के लिए ले जा रहा था। हालांकि वह धनराशि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मामले की जानकारी अधिकारियों को दी गई।
अधिकारियों की तरफ से मामले की सूचना आयकर विभाग को दी गई। वाराणसी से जांच इकाई की टीम मौके पर पहुंची और बरामद धनराशि के स्रोत एवं उसके उपयोग की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार पूरा मामला टैक्स चोरी का लगता है। इन दिनों सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव और हाई रेट के कारण बड़े पैमाने पर इसकी खरीद बिक्री नकद की जा रही है। इससे टैक्स की चोरी होती है। इसकी नकेल कसने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। माना जा रहा है कि रुपया काला धन भी हो सकता है।




साइन इन