आवास विकास परिषद ने तोड़ा रिकॉर्ड, धनतेरस पर ई-नीलामी से बेचीं 850 करोड़ की संपत्तियां
आवास एवं विकास परिषद ने धनतेरस पर रिकार्ड सम्पत्तियों की नीलामी की। ई-नीलामी में परिषद ने 850 करोड़ की संपत्तियां बेच दी। यह परिषद के लिए इस वित्तीय वर्ष की चौथी बड़ी नीलामी रही, लेकिन धनतेरस के दिन अब तक की रिकार्ड नीलामी रही है।

आवास एवं विकास परिषद ने धनतेरस पर रिकार्ड सम्पत्तियों की नीलामी की। 18 अक्तूबर को हुई इस ई-नीलामी में परिषद ने 850 करोड़ की संपत्तियां बेच दी। यह परिषद के लिए इस वित्तीय वर्ष की चौथी बड़ी नीलामी रही, लेकिन धनतेरस के दिन अब तक की रिकार्ड नीलामी रही है। अब तक आवास विकास करीब 2500 करोड़ की संपत्तियां बेच चुका है।
परिषद ने हाल ही में दशहरे के अवसर पर भी 1178 करोड़ की संपत्तियों को ई-नीलामी से बेचा था। धनतेरस की नीलामी ने एक और नया रिकॉर्ड बनाया। इस वित्तीय वर्ष में, सितंबर 2025 तक ही परिषद को 1500 करोड़ की वास्तविक आय प्राप्त हो चुकी है, जिससे परिषद की वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिली है।
निवेशकों में बढ़ा भरोसा, ई-नीलामी बनी पसंदीदा प्रक्रिया
प्रदेश सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आवास विकास ने निवेशक-अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया है। यही कारण है कि राज्य में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। परिषद की ई-नीलामी प्रणाली को पारदर्शिता और सुविधा के कारण निवेशकों द्वारा विशेष रूप से सराहा जा रहा है। आवास विकास से निवेशक जमीनें खरीद रहे हैं।
लखनऊ में नए प्रोजेक्ट, अन्य शहरों में भी प्रस्ताव
आवास विकास की उप आवास आयुक्त पल्लवी मिश्रा ने बताया कि राजधानी की अवध विहार वृंदावन योजना में भूखंडों की नीलामी की गयी है। इसके अलावा अलावा गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद, आगरा और कानपुर जैसे शहरों में भी परिषद द्वारा व्यावसायिक भूखंडों की ई-नीलामी की गई। गाजियाबाद में काफी ज्यादा कीमत पर सम्पत्तियां बिकी हैं। यहां सेक्टर सात में जिस भूखण्ड का बेस प्राइस 333 करोड़ रुपए था वह 428 करोड़ रुपए में बिका है। इसी तरह गाजियाबाद के बसुंधरा के ही जिस भूखंड की कीमत 208 करोड़ थी वह 307 करोड़ में बिकी।
इस मामले में आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि आवास विकास परिषद ने निवेशकों के अनुकूल वातावरण बनाया है। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ई नीलामी से भूखण्ड बेचे गए हैं। परिषद प्रदेश के विभिन्न शहरों में लोगों की आवासीय जरुरतें भी पूरी कर रहा है। 15 प्रतिशत छूट पर फ्लैट भी बेचने की तैयारी की गयी है।




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