नाव-नाविक को हाईजैक कर गंगा में इफ्तार; कोर्ट में कान पकड़ कर रोए आरोपी, रिहाई की गुहार
वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मामले में पुलिस ने नाविक और नाव को हाईजैक करने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने 14 आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस दौरान कोर्ट में आरोपी कान पकड़कर रोते दिखे। अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।

वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गुरुवार रात सीजेएम कोर्ट में सुनवाई के दौरान काशी पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने नाव को हाईजैक कर लिया था और नाविक का अपहरण कर उसे धमकाते हुए बीच गंगा में इफ्तार पार्टी कराई। इस मामले में गिरफ्तार 14 युवकों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
कोर्ट में कान पकड़कर रोते दिखे आरोपी
सरकार की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी दीपक कुमार ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपियों ने नाविक को जबरन अपने साथ लिया और उसे जान से मारने की धमकी देकर नाव चलवाई। बीच नदी में इफ्तार पार्टी के दौरान भी नाविक ने विरोध किया, लेकिन युवकों ने उसकी एक नहीं सुनी। सरकारी अधिवक्ता शशांक शेखर के अनुसार, सभी आरोपी कोर्ट में पेशी के दौरान कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए और जज से रिहाई की गुहार लगाते हुए रोने लगे।
अपहरण समेत कई धाराएं जोड़ने की अपील
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों ने पूरी घटना के फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए। वीडियो में मस्जिद के दृश्य, गंगा नदी और नाव पर सजे दस्तरखान को अलग-अलग एंगल से फिल्माया गया। इफ्तार पार्टी में फल, मेवे और चिकन बिरयानी परोसी गई थी। पुलिस का कहना है कि इस तरह का आयोजन कर आरोपियों ने एक खास संदेश देने की कोशिश की। मामले में नाविक के बयान और घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की है और आरोपियों के खिलाफ अपहरण सहित कई नई धाराएं जोड़ने की अपील की है। इससे पहले 16 मार्च को पुलिस ने इस मामले में सभी 14 युवकों को गिरफ्तार किया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था इफ्तार का वीडियो
यह मामला उस समय सामने आया जब इफ्तार पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में चिकन बिरयानी परोसे जाने के दृश्य सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया और कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और ईद भी उन्हें जेल में ही मनानी पड़ सकती है। इस पूरे घटनाक्रम से शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।
14 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान बिरयानी परोसने वाले सभी युवक मदनपुरा इलाके के ताड़तल्ला के रहने वाले हैं। इनमें मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद, नूर इस्लाम, मोहम्मद फैजान आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, महफूज आलम और नेहाल अफरीदी के अलावा मोहम्मद अहमद, मोहम्मद तौसीफ, आमिर कैफी, मोहम्मद अनस और दानिश सैफी शामिल हैं।




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