High Court Issued Directives Regarding Pension Case of Shiksha Mitra Appointed as Assistant Teachers सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों के पेंशन मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, यूपी सरकार से क्या कहा?, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों के पेंशन मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, यूपी सरकार से क्या कहा?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

Fri, 10 April 2026 09:40 AMDinesh Rathour प्रयागराज, विधि संवाददाता
share
सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों के पेंशन मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, यूपी सरकार से क्या कहा?

UP Shiksha Mitra News:: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने अनूप कुमार सिंह व अन्य की याचिका सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से दलील दी गई कि सरकार के 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 के शासनादेशों के तहत पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र दिया गया है और याचियों का दावा संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकारी वकील ने याचियों की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने तथ्यों और पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याचियों के दावे पर नियमानुसार विचार कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2005 तक चयनित ऐसे शिक्षा मित्र जो बाद की सीधी भर्तियों में अध्यापक बन गए हैं, उन्होंने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरा है जिस पर शासन को निर्णय लेना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पति पर केस दर्ज कराने से आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप नहीं बनता: हाईकोर्ट

एक महीने पहले शिक्षामित्रों के नियमितीकरण का दिया था आदेश

इससे पहले बीती 11 मार्च को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी सरकार को शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह आदेश जाग्गो व श्रीपाल केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 115 याची अपने-अपने प्रत्यावेदन तीन सप्ताह में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दें और अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दो महीने में विचार कर सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षामित्रों के नियमितीकरण मामले में फैसला लें। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया गया था। याचियों के अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी के अनुसार याची बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में वर्षों से कार्यरत हैं। लंबी सेवा को देखते हुए उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियमित किए जाने की मांग की गई थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी में स्कूलों की पेयरिंग का रास्ता साफ, SC ने बरकरार रखा हाईकोर्ट का फैसला
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।