निलंबित लेखपाल ने की आत्महत्या करने की कोशिश, खसरा-खतौनी के नाम पर धन उगाही का आरोप
हापुड़ के धौलाना तहसील क्षेत्र में तैनात एक लेखपाल ने निलंबन के बाद मानसिक तनाव में आकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उन पर खसरा-खतौनी की नकल के लिए अवैध वसूली का आरोप था। ग्रामीणों की शिकायत पर उसे सस्पेंड कर दिया गया था।

यूपी के हापुड़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां धौलाना तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल सुभाष मीणा ने निलंबन के बाद मानसिक तनाव में आकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। परिजन उसे अस्पताल ले गए। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रह है। लेखपपाल पर खसरा-खतौनी की नकल के लिए अवैध वसूली का आरोप था। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने उन्हें निलंबित कर जांच के आदेश दिए थे। उधर, इस घटना से राजस्व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
लेखपाल सुभाष मीणा के चालक शाहिद ने बताया कि बुधवार सुबह वह लेखपाल को सरधना के गांव बेगबाबाद से लेकर धौलाना आ रहा था। वह रास्ते में पिलखुवा रुके और किसी से मुलाकात कर धौलाना तहसील के लिए रवाना हो गए। तहसील पहुंचकर एक ऑफिस में पहुंचे। इसके बाद वो गाड़ी पर आए और उससे पानी लेकर पीया। लेखपाल सुभाष तहसीलदार से मिलने की बात कहकर अंदर चले गए। शाहिद ने बताया कि पानी पीने के दौरान उसे कुछ शक हुआ। उसने जानने वाले लेखपालों को इसके बारे में जानकारी दी। अन्य लेखपाल उनको देखने के लिए तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे, लेकिन सुभाष मीणा वहां नहीं मिले। नायब तहसीलदार के कार्यालय में पहुंचे तो सुभाष वहां उल्टी कर रहे थे। आनन-फानन में उन्हें गाड़ी से लेकर रामा अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलते ही उनके बेटे सचिन और अभिषेक वहां पहुंचे। दोपहर के समय गंभीर हालत में लेखपाल को मैक्स अस्पताल वैशाली के लिए रेफर कर दिया गया।
लेखपालों ने परिसर में धरना दिया
लेखपाल सुभाष मीणा के बारे में जानकारी मिलने पर अन्य लेखपाल रामा अस्पताल पहुंचे। लेखपालों ने कार्रवाई की मांग को लेकर परिसर में ही धरना दे दिया। एसडीएम शुभम श्रीवास्तव ने हर संभव मदद करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
गांव डहाना में ग्राम चौपाल में हुई थी शिकायत
03 जून को डीएम अभिषेक पांडेय ने गांव डहाना में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने लेखपाल सुभाष मीणा पर 500 रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद डीएम ने उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
शिकायतकर्ता ने पांच लाख रुपये की मांग की
चालक शाहिद ने बताया कि वो सुभाष मीणा को लेकर सोमवार को नगर पालिका स्थित सीओ ऑफिस पहुंचे। जहां उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने उनसे मामले में फैसला करने को लेकर पांच लाख रुपये की मांग की थी। उन्होंने भूपेंद्र को कोई भी रुपये देने से साफ इनकार कर दिया था।
अतिरिक्त क्षेत्र भी देख रहे थे लेखपाल
तहसील अध्यक्ष लेखपाल निर्देशपाल ने बताया कि सुभाष मीणा पिलखुवा क्षेत्र देखते थे। वहीं उनके पास गांव डहाना, सपनावत और सिरोधन का अतिरिक्त क्षेत्र था। ग्रामीणों द्वारा लगाए आरोप बिल्कुल निराधार थे। मामले की ठीक से जांच कराने के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए थी। आरोप है कि शिकायतकर्ता की झूठी शिकायत करने पर डीएम अभिषेक पांडेय ने तत्काल सुभाष मीणा को निलंबित कर दिया था।
जांच के बाद कार्रवाई होगी, एक हिरासत में: डीएम
डीएम अभिषेक पांडेय ने बताया कि गांव में 3 जून को आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीण भूपेंद्र ने लेखपाल पर रुपये देकर काम करने का आरोप लगाया था। 22 जुलाई तक लेखपाल को अपना पक्ष देने का समय दिया गया था। इसके अलावा एक प्राइवेट व्यक्ति द्वारा लिए गए अवैध धन के मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज थी। कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई जिसमें जांच चल रही थी। आरोप है कि शिकायतकर्ता भूपेंद्र लेखपाल से पैसे की डिमांड कर रहा था। लेखपाल को इसकी शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। पुलिस ने भूपेंद्र को हिरासत में लिया है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। यदि रुपये मांगने की बात सही निकली तो आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।




साइन इन