ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में गंवाई 80 लाख की संपत्ति, सदमे में आकर युवक ने की खुदकुशी
एटा में पूर्व प्रधान के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी मिलने पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। इस आत्मघाती कदम के पीछे ऑनलाइन गेम लाखों रुपये हारना है, इस कारण वह तनाव में रहता था।

यूपी के एटा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां मोबाइल गेम से कर्ज में डूबे युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक मृतक ने साहूकारों से कर्ज लिया था। युवक पर 80 लाख का कर्ज था। मानसिक दबाव में आकर उसने ये कदम उठाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली देहात के गांव जिरसमी के रहने वाले सतेंद्र सिंह के 38 साल का बेटा यतेन्द्र कार चलाते था। सत्येंद्र के पिता और मां गांव की प्रधान रह चुकी है। इनके पास खुद की कार है बुकिंग पर कार लेकर जाता था। मंगलवार रात को वह घर पर आया और सीधे अपने कमरे में चले गया। किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। कुछ देर बाद घरवालें कमरे में पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटक रहा था। घरवालों ने युवक को नीचे उतारा और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया।
पोस्टमार्टम गृह पहुंचे भाई चन्द्रकेतु ने बताया कि भाई यतेन्द्र ने कई लोगों से कर्ज ले रखा था। बताया कि करीब 80 लाख से अधिक रुपये का कर्ज था। इससे भाई परेशान थे। कर्ज लेने के लिए लोग आते रहते थे। कोतवाली देहात पुलिस का कहना है कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। मामले में तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। दबी जुबान से लोग ऑन लाइन गेम खेलने में उस पर कर्ज हो गया था। इसे लेकर टेंशन में था। हालांकि कोई भी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है।
चंद्रकेतु के मुताबिक यतेंद्र ने मोबाइल गेम के चक्कर में 80 लाख की प्रॉपर्टी बर्बाद कर ली। परिजनों ने कई बार मना किया लेकिन वह नहीं माना। देखते ही देखते उसके ऊपर लगभग 30 लाख का कर्जा हो गया। इसे लेकर साहूकर आए दिन तगादा करते थे। आखिर में परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। इस मामले में सीओ सिटी अमित कुमार का कहना है कि एक युवक की आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव भिजवाया गया। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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