रास्ते में आए हाईस्कूल छात्र के सीने में उतार दीं गोलियां, यूपी में दुस्साहिक वारदात से फैली सनसनी
सड़क किनारे गेहूं के एक खेत में उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान युवकों ने रामू यादव की कमर में गोली मार दी। साथी को गोली लगने के बाद उसे लहूलुहान तड़पता देख अभिषेक घबरा गया और चिल्लाते हुए भागने लगा। हमलावर भी उसे दौड़ाते हुए पीछे-पीछे भागे।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर (बड़ागांव) गांव के सीवान में गुरुवार देर शाम छह बजे मारपीट के बाद युवक को गोली मारकर भाग रहे दुस्साहसी बदमाशों ने बाइक छीनने के लिए रसूलपुर निवासी हाईस्कूल के छात्र 14 वर्षीय समीर सिंह के सीने में दो गोलियां दागकर मौत के घाट उतार दिया। उसकी बाइक लेकर भाग निकले। घायल युवक ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहीं हत्यारों के प्रयास में पुलिस की पांच टीमें जुटीं है।
कृष्णापुर (बड़ागांव) के रहने वाले 30 वर्षीय रामू यादव और अभिषेक यादव बाइक से दोस्त सर्वेश के घर जा रहे थे। पड़ोस के गांव दयालपुर के सीवान में सड़क पर छह युवक खड़े थे। कोहरे के कारण बाइक से युवकों को टक्कर लग गई। इसके बाद सभी ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। रामू यादव और अभिषेक भी उनसे भिड़ गए। तभी एक ने पिस्टल निकाली और रामू के कमर में गोली मार दी। रामू को गोली लगने के बाद उसका दोस्त अभिषेक यादव भाग निकला।
उधर, मनबढ़ चार युवक दो बाइक से भाग निकले। उसी दौरान रसूलपुर निवासी बनारसी सिंह का बेटा समीर बाइक से गुजर रहा था। मनबढ़ों ने उसको गोली मारकर बाइक छीन ली। करीब आधा किमी दूर सड़क किनारे बाइक फेंकी मिली। घटनास्थल का डीसीपी डीसीपी आकाश पटेल ने निरीक्षण किया। बताया कि लूट या छिनैती के लिए हत्या नहीं हुई है। घटना का कारण प्रथम दृष्टया विवाद लग रहा है। एसओजी, सर्विलांस समेत पांच टीमें हत्यारों की तलाश में लगी हैं।
पुलिस ने तीन साल पहले हत्या की निकलवाई फाइल
कृष्णापुर गांव के अभिषेक यादव के चाचा पूर्व प्रधान पप्पू यादव की तीन साल पहले हत्या हुई थी। हत्या में नामजद कुख्यात अपराधी कुछ दिन पहले ही जमानत पर छूटा है। जंसा निवासी अपराधी बड़ागांव में ही कुछ अपराधियों के यहां शरण लेकर रहता है। पुलिस पूर्व की हत्या की फाइल और अपराधी को लेकर छानबीन कर रही है।
इकलौता बेटा था समीर, लगाता रहा गुहार
समीर की मौत को लेकर लोग भावुक दिखे। प्रत्यक्षदर्शी राजू गिरि ने बताया कि जब मनबढ़ों ने असलहा ताना तो समीर हाथ जोड़कर कहता रहा कि ‘भैया मुझे छोड़ दो। मुझे क्यों गोली मार रहे हो।’ बाइक ले जाने से रोका तो बदमाशों ने गोली मारकर उसकी बाइक छीन ली। पिता बनारसी सिंह एक निजी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड हैं। समीर उनका इकलौता पुत्र था। समीर हाईस्कूल का छात्र था। खेती-बारी में भी पिता की मदद करता था। किशोर की मौत से गांव में मातम पसरा है।




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