GST Deputy Commissioner Prashant Kumar Singh takes U-turn withdraws resignation had quit job support CM Yogi Adityanath GST अफसर प्रशांत सिंह ने इस्तीफा वापस लिया, योगी के समर्थन में नौकरी छोड़ने के बाद यूटर्न, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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GST अफसर प्रशांत सिंह ने इस्तीफा वापस लिया, योगी के समर्थन में नौकरी छोड़ने के बाद यूटर्न

सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने यूटर्न ले लिया है। डिप्टी कमिश्नर ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने कहा, वह बिना किसी दबाव के इस्तीफा वापस ले रहे हैं।

Sat, 31 Jan 2026 09:25 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, अयोध्या
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GST अफसर प्रशांत सिंह ने इस्तीफा वापस लिया, योगी के समर्थन में नौकरी छोड़ने के बाद यूटर्न

अयोध्या में तैनात जीएसटी उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने शनिवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया। प्रशांत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणियों से आहत होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दिया था। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत पर इस्तीफा वापस लेने के लिए अफसरों ने दबाव बनाया। हालांकि, प्रशांत ने साफ किया है कि उनपर कोई दबाव नहीं था। प्रशांत ने उनपर आरोप लगाने वाले उनके भाई विश्वजीत सिंह को मुख्तार गैंग का सदस्य भी बताया है।

यूजीसी नियम और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बाद बरेली में तैनात पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को सरकार की नीतियों की खिलाफत करते हुए इस्तीफा दिया था। अलंकार को उसी दिन निलंबित कर दिया गया। अलंकार के इस्तीफे के अगले ही रोज प्रशांत कुमार सिंह ने इन्हीं मसलों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर हो रही टिप्पणियों से आहत होकर सरकार के समर्थन में इस्तीफा भेजा था। 27 जनवरी को भेजा गया उनका इस्तीफा शासन को गुरुवार को मिला और इसके बाद उनके दस्तावेजों की पड़ताल हो रही थी।

इस्तीफा वापस लेने दबाव बना रहे थे कुछ अधिकारी

सूत्रों का दावा है कि कुछ अधिकारी लगातार प्रशांत पर इस्तीफा वापस लेने का दबाव बना रहे थे, ताकि इस विवाद को यहीं खत्म किया जा सके। प्रशांत के भाई विश्वजीत सिंह ने उनके इस्तीफा प्रकरण के बाद उनपर आरोपों की झड़ी लगा दी थी। विश्वजीत ने प्रशांत पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी लेने का आरोप लगाया था। प्रशांत ने शनिवार को इस्तीफा वापस लेने के बाद अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया। प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि मैंने अपने त्यागपत्र को वापस ले लिया है। मुझ पर कोई दबाव नहीं है। बिना किसी दबाव से मैंने अपना इस्तीफा वापस लिया है। मैं अपने कार्यालय में हूं और अपना काम कर रहा हूं।

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मेरा भाई मुख्तार गैंग का सक्रिय सदस्य

प्रशांत ने कहा कि मेरे भाई (विश्वजीत सिंह) मुख्तार अंसारी की मऊ गैंग के सक्रिय सदस्य है और उनके आर्थिक सलाहकार रहे हैं। उनके ऊपर तमाम आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उन्होंने माता-पिता को मारा-पीटा था, जिस मामले में एफआईआर दर्ज है। उनपर जियो ब्रांच मैनेजर को भी जान से मारने की धमकी का भी आरोप है। वह जबरन वसूली करते हैं। वह एक आपराधिक व्यक्ति हैं।

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प्रमाण पत्र फर्जी बताना साजिश

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले को प्रशांत ने उनके खिलाफ साजिश बताया है। प्रशांत ने कहा कि मेरे भाई ने वर्ष 2021 में सीएमओ मऊ को एक प्रार्थना पत्र दिया कि प्रशांत कुमार सिंह ने जो दिव्यांग प्रमाणपत्र दिया है, वह फर्जी है क्योंकि उस पर दिन अंकित नहीं है और उस पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं हैं। सीएमओ मऊ ने खुद के ही प्रमाण पत्र की जांच नहीं करवाई बल्कि सीधे-सीधे मेरी जांच के आदेश दिए, जबकि वह प्रमाण पत्र सीएमओ मऊ के ही कार्यालय से जारी किया गया था। मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या के सामने प्रस्तुत हुआ और सीएमओ अयोध्या ने सीएमओ मऊ से पूछा कि ये प्रमाणपत्र सही है या नहीं। इसपर सीएमओ मऊ ने लिखित दिया है कि प्रमाण पत्र सही है। मैं पूछना चाहता हूं कि फिर बार-बार मेरे प्रमाणपत्र को फर्जी क्यों बताया जा रहा है?

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