groom arrived in Firozabad from Germany Hindu wedding ceremony bride name adorned with mehndi जर्मनी से फिरोजाबाद आया दूल्हा; वैदिक रीति रिवाज से लिए 7 फेरे; दुल्हन के नाम की मेहंदी लगाई, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

जर्मनी से फिरोजाबाद आया दूल्हा; वैदिक रीति रिवाज से लिए 7 फेरे; दुल्हन के नाम की मेहंदी लगाई

फिरोजाबाद की खुशी वर्मा ने जर्मनी के इंजीनियर गुस्ताव क्लाउश्च से वैदिक रीति-रिवाज से शादी की। जयपुर में मुलाकात के बाद दोनों एक साल से रिश्ते में थे। विदेशी बारात, ट्रांसलेटर और देसी रस्मों के साथ शादी चर्चा में रही, दो संस्कृतियों का सुंदर संगम देखने को मिला।

Sun, 22 Feb 2026 05:54 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
share
जर्मनी से फिरोजाबाद आया दूल्हा; वैदिक रीति रिवाज से लिए 7 फेरे; दुल्हन के नाम की मेहंदी लगाई

फिरोजाबाद जिले के जसराना थाना क्षेत्र के गांव पाढ़म की रहने वाली खुशी वर्मा ने जर्मनी के युवक गुस्ताव क्लाउश्च के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर एक अनोखी मिसाल पेश की। भारतीय युवती और जर्मन युवक की यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बन गई। शादी समारोह में विदेशी मेहमानों की मौजूदगी और देसी अंदाज में निभाई गई रस्मों ने सभी का ध्यान खींचा। खुशी वर्मा जयपुर में एक सोशल मीडिया कंपनी में मैनेजमेंट पद पर कार्यरत हैं। वहीं गुस्ताव जर्मनी की एक कार कंपनी में इंजीनियर हैं। करीब एक वर्ष पहले गुस्ताव कंपनी के काम से जयपुर आए थे।

जर्मन दूल्हा, यूपी की दुल्हन

इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। खुशी को जर्मन भाषा का अच्छा ज्ञान है, जिससे दोनों के बीच बातचीत आसान हो गई। दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदली और दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया। दोनों ने अपने-अपने परिवारों से रिश्ते की बात की। परिवारों ने बच्चों की खुशी को प्राथमिकता देते हुए सहमति दे दी। शादी समारोह शिकोहाबाद के जानकी महल होटल में आयोजित किया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी में अनोखी शादी: लग्जरी कार छोड़कर बैलगाड़ी से दुल्हन लेने निकला दूल्हा
ये भी पढ़ें:न दूल्हा न बारात, दुल्हन बनी चार युवतियों ने की अनोखी शादी, किसे पहनाया वरमाला?

विदेशी बारातियों के लिए 4 ट्रांसलेटर

18 फरवरी को हल्दी और मेहंदी की रस्में हुईं। 19 फरवरी को पंडित के वेदोच्चारण के साथ सात फेरे लिए गए। 20 फरवरी को खुशी की विदाई हुई। शादी में गुस्ताव शेरवानी और साफा पहनकर पूरी तरह भारतीय परिधान में नजर आए, जबकि खुशी लाल जोड़े में सजी थीं। स्टेज पर दोनों ने आरी से लकड़ी काटने की रस्म निभाई और बॉलीवुड गीतों पर जमकर नृत्य किया। विदेशी बारातियों के लिए चार ट्रांसलेटर की व्यवस्था की गई थी, ताकि भाषा की कोई समस्या न हो।

गुस्ताव ने लगाई खुशी के नाम की मेहंदी

गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगाई थी। शादी में स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और दूल्हे-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा की। गुस्ताव और खुशी की जोड़ी ने हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की। संदेश दिया कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पहले चोर समझकर युवक को पीटा, फिर अगली सुबह बना लिया दामाद

अनोखी शादी की हो रही चर्चा

स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में समारोह में हिस्सा लिया और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। गुस्ताव ने भारत की संस्कृति, विविधता और लोगों की मेहमाननवाजी की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल है और यहां के लोगों का अपनापन उन्हें बेहद पसंद आया। यह शादी न केवल दो व्यक्तियों, बल्कि दो संस्कृतियों के मिलन का प्रतीक बनी और प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, यह संदेश भी दिया।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।