ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा, डीएम से प्रधान-सचिव की शिकायत
यूपी के गोंडा जिले में एक ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़ा सामने आया है। गांव निवासी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।

यूपी के गोंडा जिले में वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत करोंदा में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी धन के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। इसी गांव के निवासी शुभम कुमार मिश्र ने डीएम को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत करोंदा में हैंडपंप रीबोर के नाम पर सैकड़ों की संख्या में फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धनराशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर एक भी हैंडपंप रीबोर का कार्य नहीं कराया गया। इसी तरह पंचायत भवन निर्माण के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर लिया गया, जबकि भवन का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब खुदाई का कार्य फर्जी तरीके से दर्शाकर भुगतान कराया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले सीमा विवाद का हवाला देकर कार्य रोका गया, बाद में बिना आईडी बनाए तालाब खुदाई के नाम पर फर्जी आईडी तैयार कर भुगतान कर लिया गया। इसके समर्थन में जीपीएस फोटो, वीडियो और समाचार पत्रों की कटिंग संलग्न की गई है। इसके अलावा सोहनी तालाब पर लगभग 80 मनरेगा श्रमिकों को केवल कागजों में काम करते दिखाया गया, जबकि मौके पर कोई मजदूर मौजूद नहीं था। वहीं, खड़ंजा मरम्मत, नाली निर्माण और गोशाला निर्माण के नाम पर भी फर्जी भुगतान किए जाने का आरोप है। गोशाला में पशुओं की संख्या कम है लेकिन अधिक बताया जाता है इसके अलावा मवेशियों की देखभाल भी ठीक से नहीं होती है। प्रभारी बीडीओ अभिषेक मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने ऑडिट की लंबित आपत्तियों पर जताई नाराज़गी
जिले में सालों से लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण को लेकर डीएम प्रियंका निरंजन ने नाराजगी जताई है।डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में ऑडिट निस्तारण संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2023-24 तक की लंबित ऑडिट आपत्तियों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने ऑडिट आपत्तियों के लंबे समय से लंबित रहने पर नाराज़गी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित बीडीओ, एडीओ पंचायत ग्राम प्रधानों व सचिवों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से ऑडिट निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास खंड स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित कर नियमानुसार कार्रवाई पूर्ण की जाए और जब तक सभी ऑडिट आपत्तियों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक सतत निगरानी रखी जाए। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि किसी स्तर पर कार्य में लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधानों, सचिवों, खंड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारियों की एक विशेष बैठक 31 को सायं 4:00 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित की जाएगी।इसमें लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए आवश्यक अभिलेख पूर्ण रूप से तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं।




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