यूपी में बंद सार्वजनिक उपक्रमों की जमीन वापस लेगी योगी सरकार, बनेंगे अपार्टमेंट; लगेंगे नए उद्योग
योगी सरकार चाहती है कि अब ऐसी जमीन को वापस लेकर उनको फिर से इस्तेमाल में लाया जाए। ये भूमि अधिकतर शहर के प्रमुख स्थानों पर हैं। अंदर वाली ऐसी भूमि पर मिश्रित भू-उपयोग की अनुमति होगी, जिससे आवासीय के साथ व्यावसायिक इस्तेमाल हो सके। शहर के बाहर भूमि को उद्योग लगाने के लिए दिए जाएंगे।

योगी सरकार शहरों में लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने और उद्योग लगाने के लिए भूमि की व्यवस्था कराने के लिए सालों से बंद पड़े केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की भूमि को वापस लेने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी जिम्मेदारी ‘स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन’ को सौंपी है। प्रदेश भर से ऐसी भूमि का ब्योरा एकत्र करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इन जमीनों को लेकर शहरों में अपार्टमेंट और उद्योग लगाने के लिए दिए जाएंगे।
सालों से बंद उपक्रम लिए जाएंगे
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम लगाने के लिए यूपी से समय-समय पर काफी भूमि ली है। इन पर लेदर फैक्ट्री, लाल इमली, कपड़ा उद्योग के साथ अन्य तरह के उपक्रम लगाए गए। बदले समय के साथ उपयोगिता समाप्त होती गई और ये बंद होते गए। कुछ मामलों का विवाद न्यायालयों में भी चल रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि अब ऐसी जमीन को वापस लेकर उनको पुन: इस्तेमाल में लाया जाए। ये भूमि अधिकतर शहर के प्रमुख स्थानों पर हैं। अंदर वाली ऐसी भूमि पर मिश्रित भू-उपयोग की अनुमति होगी, जिससे आवासीय के साथ व्यावसायिक इस्तेमाल हो सके। शहर के बाहर भूमि को उद्योग लगाने के लिए दिए जाएंगे।
कानपुर-प्रयागराज में मिली जमीन, बाकी का इंतजार
कानपुर और प्रयाराज जिलों से रिपोर्ट आ गई है। कानपुर में एनटीसी म्योर मिल की 178304, विक्टोरिया मिल 128504, टैफ्को लाल इमली वूलेन मिल 898706 वर्ग मीटर भूमि है। प्रयागराज में त्रिवेणी स्ट्रक्चरल्स लि. की 321 एकड़ और भारत पम्पस एंड कंप्रेसर्स लि की 295 एकड़ भूमि है। अन्य जिलों से रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा की जा रही है।
जमीन वापस मिलने पर यूपी को होगा आर्थिक लाभ
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन ने डीएम, मंडलायुक्तों से रिपोर्ट मांगी है। उन्हें भेजे गए पत्र में कहा गया है कि केंद्र के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम जैसे भारत लेदर कार्पोरेशन, टैफ्को आदि को यूपी में भूमि दी गई थी। इनमें बहुत सी लंबे समय से बंद हैं। अब ये भूमि अनुपयोगी पड़ी है। इस श्रेणी की भूमि राज्य के पास वापस आ जाए तो उस पर कई आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे जहां एक ओर बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार के वन ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मदद मिलेगी।
क्या बोले अधिकारी
स्टेट ट्रांसफार्मेंशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में बंद सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को दी भूमि वापस ली जाएगी। इसके लिए नीति लाई जाएगी। इसके बाद मिश्रित भू-उपयोग के साथ उद्योग के लिए दी जाएगी। दो जिलों की रिपोर्ट आ गई है। शेष अन्य जिलों से रिपोर्ट आने का इंतजार है।




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