गुड न्यूज: अब अमेरिका-यूरोप के लिए लखनऊ से सीधी उड़ान की तैयारी, प्रक्रिया शुरू
अभी लखनऊ से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई, शारजाह, अबूधाबी, ओमान के मस्कट, साऊदी अरब के दम्माम, रियाद, जेद्दा, थाईलैंड के बैंकॉक और मलेशिया के कुआलालंपुर के लिए सीधी फ्लाइटें हैं। अब अमेरिका-यूरोप के लिए भी सीधी उड़ान की तैयारी है।

Direct flights from Lucknow to America and Europe: लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द ही अमेरिका-यूरोप के लिए सीधी उड़ानों का तोहफा मिल सकता है। एयरपोर्ट प्रशासन के प्रस्ताव पर शासन ने जिला प्रशासन को अधिग्रहण के संबंध में निर्देश दिए हैं। डीएम ने एयरपोर्ट प्रशासन से जमीन का विवरण मांगा है। अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी। जमीन मिलते ही रनवे को 700 मीटर बढ़ाया जाएगा।
मौजूदा समय एयरपोर्ट के रनवे की कुल लम्बाई 2,744 मीटर है। लम्बाई बढ़ जाने के बाद यह 3,444 मीटर हो जाएगी। इससे बड़े विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ आसान हो जाएगा। मौजूदा समय में लम्बी दूरी तय करने वाले जहाज के लायक रनवे न होने से अमेरिका, यूरोप, रूस जाने के लिए लोग दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई या हैदराबाद से फ्लाइट पकड़ते हैं।
लखनऊ से मौजूदा समय में अन्तरराष्ट्रीय फ्लाइटें
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई, शारजाह, अबूधाबी, ओमान के मस्कट, साऊदी अरब के दम्माम, रियाद, जेद्दा, थाईलैंड के बैंकॉक और मलेशिया के कुआलालंपुर की सीधी फ्लाइटें हैं। इनकी संख्या कुल 11 है।
बड़े आकार वाले विमानों के लिए जरूरी
वर्तमान रनवे की लंबाई कुछ बहुत बड़े वाइड-बॉडी विमानों के पूर्ण रूप से लोड होने पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है। खासकर जब अधिक ईंधन और कार्गो ले जाना हो।
इसलिए जरूरी है विस्तार
-सुरक्षा मार्जिन बढ़ाएगा, पायलटों को टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए अधिक जगह मिलेगी
-लंबी दूरी की सीधी उड़ानों के लिए विमान अधिक ईंधन और वजन ले जा सकेंगे, जिससे नॉन-स्टॉप अन्तरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी संभव होगी
-लखनऊ से सीधे अमेरिका (शिकागो, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, अटलांटा) और फ्रांस, इटली के लिए उड़ानें शुरू करने में मदद मिलेगी, जैसा कि गोमती नगर जन कल्याण महासमिति ने मांग की है।
विस्तार के बाद ये विमान उतर सकेंगे
-एयरबस ए 380 : सुपरजंबो कहा जाने वाला यह दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान है इसे उड़ान भरने के लिए आमतौर पर 3,000 मीटर (9,800 फीट) से अधिक रनवे की आवश्यकता होती है।
-बोइंग 747-8 : यह बोइंग 747 का नवीनतम और सबसे बड़ा संस्करण है। इसे भी उड़ान भरने के लिए 3,100 मीटर (10,200 फीट) रनवे की आवश्यकता होती है।
-बोइंग 777 के बड़े संस्करण (जैसे 777-300 ईआर, 777-200 एलआर): ये दुनिया के सबसे लोकप्रिय लंबी दूरी के वाइड-बॉडी विमानों में से हैं। कुछ 777 संस्करण मौजूदा रनवे पर उतर सकते हैं।
-एयरबस ए 350 : यह भी एक आधुनिक लंबी दूरी का वाइड-बॉडी विमान है, जिसे अक्सर बोइंग 787 का प्रतिस्पर्धी माना जाता है।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार निजी प्रबंधन को पर्यावरण समिति की मंजूरी मिल चुकी है। 53 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। रनवे के दोनों ओर 150-150 मीटर जमीन खाली कराने का काम शुरू हो गया है। विस्तार के लिए सरोजनीनगर के रहीमाबाद, मोहम्मदपुर भक्तीखेड़ा, गड़ौरा और अन्य गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। अधिग्रहण की प्रक्रिया में कुछ कब्जेदारों के विरोध के कारण देरी हुई।




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