Gonda women are making baskets and hanging pots from water hyacinth गोंडा की महिलाओं का कमाल, जलकुंभी से बना रहीं टोकरी और हैंगिंग पॉर्ट्स, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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गोंडा की महिलाओं का कमाल, जलकुंभी से बना रहीं टोकरी और हैंगिंग पॉर्ट्स

गोंडा जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लगातार नवाचार के माध्यम से नए आयाम गढ़ रही हैं। अब तक तालाबों और जलाशयों के लिए समस्या मानी जाने वाली जलकुंभी, वजीरगंज ब्लॉक की इन महिलाओं के लिए आय का नया साधन बन गई है।

Wed, 8 Oct 2025 06:37 PMPawan Kumar Sharma आलोक ओझा, गोंडा
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गोंडा की महिलाओं का कमाल, जलकुंभी से बना रहीं टोकरी और हैंगिंग पॉर्ट्स

यूपी के गोंडा जिले में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं लगातार नवाचार के माध्यम से नए आयाम गढ़ रही हैं। अब तक तालाबों और जलाशयों के लिए समस्या मानी जाने वाली जलकुंभी, वजीरगंज ब्लॉक की इन महिलाओं के लिए आय का नया साधन बन गई है। महिलाएं जलकुंभी का उपयोग करके विभिन्न प्रकार की सजावटी और उपयोगी वस्तुएं बनाकर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन नमूना पेश कर रही हैं।

जलकुंभी को आमतौर पर जल प्रदूषण, मच्छर प्रजनन और जल-जमाव का कारण माना जाता रहा है। जिला प्रशासन ने इसे एक समस्या नहीं, बल्कि उद्यम के अवसर के रूप में देखा। इस अनूठी पहल को साकार रूप देने के लिए, जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जलकुंभी से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण शुरू किया।

मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। सीडीओ ने इसे जिले में ‘वेस्ट टू वैल्यू’ (कचरे से मूल्य) की अवधारणा का एक प्रेरक उदाहरण बताया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

प्रशिक्षण और उद्यमिता के कौशल

इसकी शुरुआत प्रथम चरण में विकासखंड वजीरगंज से की गई। मई के पहले पखवाड़े में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में 35 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान, दीदियों को न केवल जलकुंभी से टोकरी, डलिया, और हैंगिंग पॉर्ट्स जैसे आकर्षक उत्पाद बनाना सिखाया गया, बल्कि उन्हें उद्यमिता, ब्रांडिंग और विपणन (मार्केटिंग) के मूल कौशल भी सिखाए गए। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक नवाचार किए और अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई।

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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिलेगी पहचान

इस पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व में लोकार्पित स्वयं सहायता समूह के ब्रांड 'अरगा' से भी बल मिलेगा। अरगा ब्रांड के तहत समूह के उत्पाद पहले से ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे जलकुंभी से बने इन उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचने में मदद मिलेगी। प्रशासन की योजना है कि इस पहल को भविष्य में जिले के अन्य विकासखंडों, स्कूलों, कौशल केंद्रों और महिला संगठनों तक विस्तार दिया जाए, जिससे हजारों ग्रामीण महिलाओं को नवाचार और उद्यम से जोड़ा जा सके और उनका भविष्य संवर सके।

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