गोली का जवाब गोली से देंगे, आयुष की छोटी बहन की सीधी चेतावनी, वीडियो हो रहा वायरल
यूपी के बलिया में आयुष हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उसकी छोटी बहन बिफरी हुई है। बहन ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रशासन कोई एक्शन नहीं लेता है तो वह खुद भाई के हत्यारों को गोली मारेगी।

उत्तर प्रदेश के बलिया में हुए आयुष हत्याकांड ने अब एक बेहद संवेदनशील और आक्रोशित मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर आयुष की छोटी बहन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उसका दर्द और गुस्सा फूट पड़ा है। न्याय न मिलने से आहत बहन ने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए साफ लफ्जों में कहा है कि यदि हत्यारों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वह खुद कानून हाथ में लेने को मजबूर होगी। वायरल वीडियो में आयुष की बहन बिलखते हुए लेकिन बेहद तल्ख तेवर में कह रही है कि अगर मेरे भाई के हत्यारों को पुलिस ने सजा नहीं दी तो मैं खुद उन्हें गोली मार दूंगी। हम कब तक न्याय की भीख मांगेंगे?
आयुष की शुक्रवार की शाम घर के पास ही गोली मार दी गई थी। गोली लगने के बाद खून से लथपथ आयुष ने हत्यारों का नाम भी बहन को बताया था। इसका भी वीडियो सामने आया था। आयुष को पहले बलिया जिला अस्पताल, फिर मऊ और उसके बाद वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जाया गया लेकिन जान नहीं बच सकी थी। परिवार ने चार युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में बहन का गुस्सा फटा हुआ है। बहन ने दावा किया कि पहले भी इन्हीं लोगों ने भाई पर हमला किया था। पुलिस से शिकायत भी की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ था।
आयुष की बहन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' और 'बुलडोजर न्याय' का हवाला देते हुए मांग की है कि हत्यारों के घर ढहाए जाएं और उन्हें ऐसी सजा मिले कि दोबारा कोई ऐसी जुर्रत न करे। बहन की इस चेतावनी ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में वह यह भी कहती सुनी जा रही है कि वह मौत से नहीं डरती और अपने भाई के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
नामजद आरोपी अब भी गिरफ्त से दूर
आयुष की हत्या के बाद से ही परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कुछ लोगों को तो पकड़ा है, लेकिन घटना के मुख्य साजिशकर्ता और प्रभावशाली आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस की सुस्त जांच अपराधियों को बचाने का काम कर रही है। इसी सुस्ती और बेबसी ने मासूम बहन को बंदूक उठाने की बात कहने पर मजबूर कर दिया है।
इलाके में तनाव, पुलिस मुस्तैद
वीडियो वायरल होने के बाद बलिया पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पीड़िता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वे निष्पक्ष जांच कर रहे हैं और जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हालांकि, इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि अगर समय पर न्याय नहीं मिलता, तो आम आदमी का सिस्टम से भरोसा उठने लगता है। बलिया में फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और लोग सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इन लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज
आयुष की हत्या में मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र के जलपुरवा निवासी रॉबिन सिंह, उभांव थाना क्षेत्र के मझवलिया निवासी पवन सिंह, कस्बा के रहने वाले राज और रोहित के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमों को लगाया गया है। पुलिस संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्चस्व की जंग में चली गयी मां-बाप के एकलौते बेटे की जान
कहा जा रहा है कि कस्बा के यादव नगर (वार्ड संख्या 11) निवासी आयुष यादव उर्फ राहुल की जान गुटबंदी और वर्चस्व की जंग में चली गयी। मृतक और आरोपियों पर मारपीट आदि के कई मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पकड़े जाने के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
यादव नगर निवासी बच्चा यादव की दो बेटियों के बीच एकलौता बेटा आयुष था। वह कुछ साल पहले तक वाराणसी में रहकर पढ़ाई करता था। वहां से वापस लौटा तो बेल्थरारोड के पिन कोड (221715) के नाम से एक संचालित युवकों के एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य बन गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो जनपद के अन्य जगहों की तरह इस ग्रुप में शामिल युवकों का काम झगड़ा-लड़ाई करना था।
इस ग्रुप के सदस्यों के बीच कुछ दिनों पहले गुटबंदी होने लगी। इसके बाद वर्चस्व को लेकर मृतक और आरोपियों के बीच विवाद शुरु हो गया। इसकी जानकारी होने के बाद उभांव पुलिस कुछ युवकों को पकड़कर शांति भंग की आशंका में चालान भी कर चुकी है।




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