Giving incomplete information to the High Court proved costly for the SDM, the court imposed a fine. हाईकोर्ट में अधूरी जानकारी देना एसडीएम को पड़ा महंगा, कोर्ट ने जुर्माना लगाया, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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हाईकोर्ट में अधूरी जानकारी देना एसडीएम को पड़ा महंगा, कोर्ट ने जुर्माना लगाया

हाईकोर्ट में अधूरी जानकारी देना एसडीएम को महंगा पड़ गया।हाईकोर्ट ने एसडीएम पर 2000 रुपए जुर्माना लगाते हुए पुनः सही तथ्यों के आधार पर दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Sat, 25 April 2026 05:44 PMDeep Pandey बलरामपुर, हिन्दुस्तान
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हाईकोर्ट में अधूरी जानकारी देना एसडीएम को पड़ा महंगा, कोर्ट ने जुर्माना लगाया

हाईकोर्ट में अधूरी जानकारी प्रस्तुत करना एसडीएम बलरामपुर हेमंत गुप्ता को महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने एसडीएम पर 2000 रुपए जुर्माना लगाते हुए पुनः सही तथ्यों के आधार पर दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई आगामी 29 अप्रैल को होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ लखनऊ में विधि व्यवसाय कर रहे याची के अधिवक्ता राम केवल त्रिपाठी ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम शेखरपुर में बलरामपुर-बहराइच मार्ग पर याची राम धीरज त्रिपाठी की जमीन स्थित है वर्ष 2025 में बिना किसी नोटिफिकेशन के अथवा बिना बैनामा लिए ही याची के जमीन को सरकार ने एलआरपी के नाम घोषित कर दिया। इस बात की जानकारी जब याची को हुई तो उसने तहसीलदार, एसडीएम व डीएम को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया लेकिन जिले के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की मजबूरन याची ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सदर एसडीएम हेमंत गुप्ता को निर्देशित किया कि याची राम धीरज त्रिपाठी को भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाए। न्यायालय के आदेश की प्रति को याची ने सदर एसडीएम के यहां प्रस्तुत किया।

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29 अप्रैल को होने वाली पुनः सुनवाई

इसके बाद भी प्रशासन की ओर से याची को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जिस पर याची के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में अवमानना का केस दायर किया। अवमानना के केस में प्रशासन की ओर से इस आशय का दस्तावेज प्रस्तुत किया गया कि प्रशासन की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर दिया गया है। न्यायालय में दाखिल किए गए दस्तावेजों में अधिग्रहण से संबंधित कोई भी प्रतिलिपि ना होने के कारण उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई। न्यायालय ने हेमंत गुप्ता पर 2000 रुपए जुर्माना लगाते हुए 29 अप्रैल को होने वाली पुनः सुनवाई में समस्त दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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