नगर विस्तार के साढ़े 5 साल बाद शिक्षकों की नए सिरे से तैनाती, शासन का आदेश जारी
यूपी में शहरी सीमा के विस्तारित क्षेत्र में आने वाले परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की साढ़े पांच साल बाद नए सिरे से तैनाती मिलेगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। उप सचिव आनन्द कुमार सिंह की ओर से 21 अक्तूबर को बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को भेजा है।

यूपी में शहरी सीमा के विस्तारित क्षेत्र में आने वाले परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की साढ़े पांच साल बाद नए सिरे से तैनाती की जाएगी। शासन के उप सचिव आनन्द कुमार सिंह की ओर से 21 अक्तूबर को बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को भेजे गए पत्र में शिक्षकों से विकल्प लेकर तैनाती के आदेश दिए गए हैं।
प्रयागराज, गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण क्षेत्र के जो विद्यालय नगर विकास विभाग की दिसंबर 2019 में जारी अधिसूचना के कारण विस्तारित नगरीय सीमा में शामिल हुए हैं, उनमें कार्यरत अध्यापकों से विकल्प (सहमति) लेकर नगरीय क्षेत्र के अध्यापकों के संवर्ग में सम्मिलित किया जाएगा। उनका समायोजन नगर क्षेत्र के स्कूल में इस शर्त पर किया जाएगा कि उनकी वरिष्ठता संबंधित नगरीय संवर्ग के शिक्षकों में सबसे नीचे होगी। यदि ऐसे शिक्षक ग्रामीण संवर्ग में रहने का विकल्प चुनते हैं तो उनकी वरिष्ठता तो बनी रहेगी लेकिन उनकी नए सिरे से दूसरे स्कूल में तैनाती की जाएगी।
लंबे समय से चला आ रहा है विवाद
नगर निगम सीमा विस्तार के बाद शहरी सीमा में शामिल परिषदीय विद्यालयों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। पिछले साल समायोजन के दौरान शहरी सीमा में शामिल स्कूलों के मानव संपदा पोर्टल पर ग्रामीण क्षेत्र में प्रदर्शित होने पर शिक्षकों ने आपत्ति की थी। गोरखपुर और प्रयागराज के शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका की थी कि चूंकि वे शहरी सीमा में आ चुके हैं इसलिए उनका समायोजन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में न किया जाए। उससे पहले अंतर जनपदीय स्थानान्तरण से आए ग्रामीण कैडर के शिक्षकों को भी नियम विरुद्ध तरीके से विस्तारित क्षेत्र के स्कूलों में पदस्थापित कर दिया गया था। अब कैडर विभाजन के बाद सारे विवाद भी खत्म हो जाएंगे।




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