महाठग रवींद्र नाथ सोनी पर 5 करोड़ की ठगी के 4 नए केस दर्ज, अब तक कुल 28 मुकदमों में हुआ नामजद
महाठग रवींद्र नाथ सोनी और उसके साथियों के खिलाफ कानपुर पुलिस ने चार और मुकदमे दर्ज किए। चारों मुकदमे अप्रवासी भारतीयों की तहरीर पर जीरो क्राइम नंबर पर लिखे गए हैं जो करीब 5.13 करोड़ की ठगी से जुड़े हैं।

महाठग रवींद्र नाथ सोनी और उसके साथियों के खिलाफ कानपुर कोतवाली पुलिस ने रविवार को चार और मुकदमे दर्ज किए। चारों मुकदमे अप्रवासी भारतीयों की तहरीर पर जीरो क्राइम नंबर पर लिखे गए हैं जो करीब 5.13 करोड़ की ठगी से जुड़े हैं। रवींद्र नाथ सोनी और उसके सहयोगियों पर अब तक 28 केस दर्ज हो चुके हैं। जिसमें 10 केस जीरो क्राइम नंबर पर लिखे गए हैं।
दुबई में रहने वाले अप्रवासी भारतीय भावेश अशोक कुमार पटाडिया मूल रूप से राधिका पार्क मंगलपुरा रोड साणंद गुजरात के रहने वाले हैं। रविवार को वह अन्य तीन पीड़ितों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और तहरीर दी। आरोप लगाया कि रवींद्र नाथ सोनी और उसके साथियों के कहने पर उन्होंने 2.66 करोड़ रुपये निवेश किए। बाद में रवींद्र कंपनी बंद कर फरार हो गया। कोतवाली पुलिस ने रवींद्र नाथ सोनी उसके साथी सूरज जुमानी, विभाष हरिसुमन त्रिवेदी, अमित गेरा, गुरनीत कौर और शाश्वत सिंह राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इसी तरह हीरानंदानी इस्टेट ठाणे कासर्वाडावाली महाराष्ट्र के सचिन विजय कुमार राजे 49.15 लाख रुपये , शिवहरी निरवास श्री कृष्णापुरी मोराबादी रांची बिरयातु रांची झारखंड निवासी डॉ. पुलक पुनीत ने 76,66,436 रुपये और सुजलांग सोसाइटी नारंगपुरा अहमदाबाद नारायणपुरा गुजरात निवासी निधि विजय मेहता ने 1,21,91,464 रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए रवींद्र व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि चारों अप्रवासी भारतीयों के मुकदमे दर्ज कर उनके गृह जनपद भेज दिए गए हैं।
रिमांड पर लेने के लिए नहीं मिल रहे साक्ष्य
महाठग रवींद्र को रिमांड पर लेने के लिए अभी तक पुलिस को साक्ष्य नहीं मिले सके हैं। दरअसल पुलिस को महाठग के साथियों की कई फोटो सोने की ईंट के साथ मिले थे। इसके साथ ही कुछ क्रिप्टो अकाउंट भी सामने आए थे जिनमें करोड़ों की धनराशि थी। इन्हें सत्यापन के लिए फोरेंसिक भेजा गया लेकिन यह दस्तावेज सत्यापित होकर नहीं आ सके। विवेचक अभी पुलिस कस्टडी रिमांड नहीं ले सकी है।




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