सीएम योगी से अचानक मिले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, दूरियां हो गईं खत्म, क्या बोले?
यूपी के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सोमवार की शाम अचानक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। कहा जा रहा है कि सीएम योगी के साथ बढ़ गई दूरियों के कम करने के लिए बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे थै।

यूपी के कद्दावर नेता और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सोमवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचे। ब्रजभूषण की मुख्यमंत्री से यह मुलाकात 31 महीने बाद हुई है। पिछली बार उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात करीब ढाई साल पहले 29 दिसंबर 2022 को हुई थी। पिछले कुछ समय से बृजभूषण शरण सिंह अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में थे। वह लगातार सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे थे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को छोटा भाई भी बताया था। सीएम आवास में बृजभूषण शरण सिंह करीब पौन घंटे तक रहे। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ बन गई दूरियों को कम करने के लिए बृजभूषण उनसे मिलने पहुंचे थे। हालांकि सीएम आवास से निकलने पर उनकी बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि दूरियां अभी कम नहीं हुई हैं।
मीडिया के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तो मुलाकात होनी ही चाहिए और हुई है। जब यह पूछा गया कि क्या खास रहा, तो बोले उनसे मुलाकात ही खास रही। ब्रजभूषण ने कहा कि यह व्यक्तिगत मुलाकात थी और मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें बुलाया गया था। बृजभूषण शरण सिंह की गिनती खुलकर बोलने वाले नेताओं में होती है। इसके बाद भी वह ज्यादा नहीं बोले।
कहा जा रहा है कि अगर सबकुछ बृजभूषण शरण सिंह के मन मुताबिक होता तो वह खुलकर मीडिया के सवालों का जवाब देते। इस तरह से बिना ज्यादा बोले निकलते नहीं। ऐसे में कहा जा रहा है कि जिस आशा और अपेक्षा को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, वह पूरी नहीं हो सकी है। या यह कहा जाए कि उस तरह का आश्वासन नहीं मिल सका है। उनके चेहरे से भी यह साफ झलक रहा था। यानी जो दूरियां मुख्यमंत्री के साथ थीं, अब भी बरकरार हैं।
दरअसल यूपी में गोरखपुर औ देवीपाटन इलाका मुख्यमंत्री का काफी करीबी इलाका है। गोरखपुर की तरह देवीपाटन में भी उनका एक मंदिर है। दोनों एक ही मठ से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार बलरामपुर जाते रहते हैं। कहा जाता है कि देवपाटन में ठेकों और पट्टों पर बृजभूषण शरण सिंह का आधिपत्य है। उससे मुख्यमंत्री भी नाराज हैं। पीडब्ल्यूडी के करोड़ों के ठेकों को कई बार निरस्त भी किया गया है। वहां के अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है।
इसके साथ ही बृजभूषण शरण सिंह की दंबगई और राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर तालमेल सरकार के साथ नहीं बैठ रहा था। बृजभूषण शरण सिंह सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के भ्रष्टाचार को लेकर बोलते रहते हैं और अखिलेश यादव का महिमा मंडन भी करते रहते हैं। यह सब चीजें लंबे समय से चली आ रही थीं। यह सब चीजें ही दूरियां बढ़ा रही थीं। इन सब चीजों को लेकर ही बृजभूषण शरण सिंह सीएम योगी से मिलने पहुंचे थे। हालांकि बाहर निकलने पर साफ दिखाई दिया कि उनकी आशाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं।




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