Five consecutive explosions at firecracker factory in house girl died in sambhal घर में चल रही पटाखा फैक्ट्री में लगातार 5 धमाके; पूरा इलाका दहल गया, लड़की की मौत, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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घर में चल रही पटाखा फैक्ट्री में लगातार 5 धमाके; पूरा इलाका दहल गया, लड़की की मौत

संभल में घर में चल रही पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से पूरा इलाका दहल गया। एक के बाद एक 5 धमाकों से कई घर हिल गए। जिसमें एक लड़की मौत हो गई। जबकि उसकी बहन और दादा बुरी तरह झुलस गए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Mon, 20 April 2026 09:36 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान
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घर में चल रही पटाखा फैक्ट्री में लगातार 5 धमाके; पूरा इलाका दहल गया, लड़की की मौत

संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव ईशाकपुर में सोमवार सुबह एक घर के अंदर अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका दहल गया। हादसे में 15 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन और दादा गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने समरसेबिल चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया। धमाके की सूचना पर सीओ आलोक सिद्धू, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि दादा और पोती की हालत गंभीर होने पर उन्हें अलीगढ़ रेफर किया गया है।

लगातार 5 धमाकों से दहला इलाका

ग्रामीणों के मुताबिक अजयपाल सिंह के घर में लंबे समय से आतिशबाजी बनाने का काम किया जा रहा था। अजयपाल का बेटा योगेश गांव में ही पटाखों की दुकान चलाता है। सोमवार सुबह योगेश दुकान पर था, जबकि उसकी पत्नी और बेटा खेत पर गए हुए थे। घर के अंदर अजयपाल अपनी दोनों पोतियों दीक्षा (15) और निधि के साथ मौजूद थे। बताया गया कि तीनों गैस चूल्हे पर खाना बना रहे थे, तभी पास में रखे पटाखों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते एक के बाद एक करीब पांच जोरदार धमाके हुए, जिससे घर के साथ आसपास का इलाका भी हिल गया।

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घर के अंदर फंसे लोगों को निकाला गया

धमाके के बाद ग्रामीण मौके पर दौड़े और निजी सबमर्सिबल चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया। साथ ही अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। जब तक दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक आग काफी हद तक बुझाई जा चुकी थी। इस हादसे में कक्षा नौ की छात्रा दीक्षा, उसकी बहन निधि और दादा अजयपाल बुरी तरह झुलस गए। अलीगढ़ ले जाते समय दीक्षा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि निधि और अजयपाल की हालत चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के बाद हुई प्रशासनिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

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पटाखा बनाने का लाइसेंस घर के लिए मान्य नहीं था

मुख्य अग्निशमन अधिकारी केके ओझा ने बताया कि अजयपाल के पास पटाखा बनाने का लाइसेंस तो था, लेकिन वह घर के लिए मान्य नहीं था। इतना ही नहीं, यह लाइसेंस 28 मार्च 2025 के बाद नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। ऐसे में घर के अंदर पटाखा बनाने और भंडारण का काम पूरी तरह अवैध तरीके से किया जा रहा था। सूचना मिलते ही सीओ आलोक सिद्धू, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध संचालन और सुरक्षा में लापरवाही के पहलुओं की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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