मेरठ के मशहूर ज्वेलर्स से एक करोड़ की ठगी; व्हाट्सएप कॉल पर खेला, ‘कृष्णा’ बना पहेली
मेरठ के आबूलेन स्थित रघुनंदन ज्वैलर्स शोरूम में दिनदहाड़े करीब एक करोड़ रुपये के सोने की ठगी का मामला सामने आया। ‘कृष्णा’ नाम से हुई कॉल के जरिए युवक ने 600-650 ग्राम आभूषण लेकर फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मेरठ शहर के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाके आबूलेन में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रघुनंदन ज्वैलर्स शोरूम से दिनदहाड़े करीब एक करोड़ के सोने की ठगी हो गई। बताया गया कि दोपहर करीब एक बजे ‘कृष्णा’ नाम के व्यक्ति ने रघुनंदन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड में व्हाट्सएप कॉल कर लगभग एक करोड़ रुपये के सोने के आभूषण खरीदने की बात कही। कॉल पर उसने खुद के न आ पाने की बात कहते हुए अपने भतीजे को शोरूम भेजने को कहा। कुछ देर बाद एक युवक शोरूम पहुंचा और खुद को कृष्णा का भतीजा बताते हुए आभूषण देखने लगा। उसने करीब 600 से 650 ग्राम सोने के आभूषण पसंद किए। भुगतान को लेकर फोन पर बात हुई तो कृष्णा ने ऑनलाइन भुगतान में असमर्थता जताई और नकद रकम भिजवाने की बात कही।
रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ की ठगी
करीब आधे घंटे बाद चार युवक शोरूम पहुंचे। इनमें से दो ने खुद को मेरठ का और दो ने बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी बताया। चारों ने मिलकर नकद भुगतान किया, जिसके बाद चयनित आभूषण कथित भतीजे को सौंप दिए गए। आभूषण लेकर युवक के निकलते ही भुगतान करने आए चारों युवकों ने पेमेंट रोकने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वह सोना लेने नहीं आए थे, उन्हें नकद पैसा देकर अपने बैंक खाते में एंट्री दिखानी थी। पैसे देने वाले रुड़की रोड निवासी कारोबारी प्रवीण शर्मा ने बताया कि वह भी किसी कृष्णा के जरिए शोरूम पहुंचे थे और एक करोड़ रुपये की एंट्री करानी थी। वह उस युवक को नहीं जानते जो सोना लेकर गया है।
आरोपियों की तलाश में जुटी स्वाट टीम
वहीं, शोरूम प्रबंधक तन्मय अग्रवाल का दावा है कि भुगतान के बदले आभूषण उसी व्यक्ति को दिए गए, जिसे भेजा गया था। दोनों पक्षों के दावों के बीच शोरूम में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। मामले में स्वाट टीम को लगाया है।
भ्रम का फायदा उठा आरोपियों ने की ठगी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूरे घटनाक्रम में ‘कृष्णा’ नाम के दो अलग-अलग व्यक्ति होने की बात कही जा रही है। एक कृष्णा वह है, जिसके माध्यम से प्रवीण शर्मा शोरूम तक पहुंचे, जबकि दूसरा कृष्णा फोन पर खुद को दिल्ली का कारोबारी बताकर बातचीत करता रहा। इसी भ्रम का फायदा उठाकर आरोपियों ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की।
दो टीमें कर रहीं जांच
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों ने अपने नाम राजवीर और पंकज निषाद बताए हैं, जो फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे। इनके अलावा दो अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं।




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